पुलिस की बड़ी कामयाबी हत्या के आरोपियों को घटना के 03 घंटे के अंदर किया गया गिरफ्तार आरोपी द्वारा अपनी दादी की टंगिया मारकर की थी हत्या

  • आरोपी की मां एवं भाई द्वारा घटना के साक्ष्य छिपाने में किया गया था सहयोग

*लोकेश्वर सिन्हा गरियाबन्द*
गरियाबन्द
। जिले के थाना राजिम पुलिस को मिली बड़ी कामयाबी राजिम थाना के ग्राम रोहिना में फूलबासन बाई ध्रुव पति फेरहा राम ध्रुव उम्र 70 साल का शव संदिगध हालत में उसके घर में पडा मिला। जिसकी सूचना मिलने पर राज8म पुलिस द्वारा सूचना तस्दीक पर थाना प्रभारी निरीक्षक संतोष भुआर्य अपने स्टाफ के साथ मौके पर पहुंचकर घटना स्थल निरीक्षण करके अपने उच्च अधिकारियो को अवगत कराया गया। मामला प्रथम दृष्टिया हत्या का प्रतीत होने से पुलिस अधीक्षक महोदया पारूल माथुर के निर्देशानुसार राजिम पुलिस टीम द्वारा मौके पर अपराध धारा पंजीबद्व कर बारिकी से मामले में जांच विवेचना की गई। जांच दौरान मुखबिर के सूचना पर मृतिका के नाती टुकेश ध्रुव से पूछताछ करने पर बताया कि पिछले 09 तारीख को उसकी दादी फुलबासन बाई एवं उसकी मां गोदावरी ध्रुव के बीच कचरा उठाने की बात का लेकर विवाद हुआ था। जिससे आरोपी द्वारा अपनी दादी को जान से मारने की बात मन में ठान लिया गया था औऱ शाम करीबन 05 बजे वह अपनी दादी के घर गया और वहां रखे लोहे की टंगिया से फूलबासन बाई पर प्राणघातक हमला कर गंभीर चोट पहुंचाकर हत्या कर दिया था और वापस घर आकर घटना की जानकारी अपनी मां गोदावरी एवं बडे भाई गोपाल ध्रुव को बताया था। जिससे तीनो मिलकर फुलबासन बाई के मकान के बाहर ताला लगा दिये थे तथा दिनांक 10.11.2021 के रात्रि करीबन 10.00 बजे उक्त ताला को खोल दिये थे तथा जिसे आज दिनांक 11.11.21 को फुलबासन बाई की अज्ञात कारणो से मृत्यु हो जाने की खबर गांव में फैला दिये थे। आरोपियेा के विरूद्व थाना राजिम में अपराध क्रमांक 323/21 धारा 302,201,34 भादवि कायम कर आरोपियो को विधिवत गिरफ्तार न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया है उक्त् आरोपियों द्वारा घटना को छिपाने का भरसक प्रयास किया गया किन्तु वरिष्ठ अधिकारियो के मार्गदर्शन में राजिम पुलिस द्वारा हिकमतअमली से काम कर तीनो आरेापियो को जेल भेजने में सराहनीय कार्य किया गया।
उक्त कार्यवाही में थाना प्रभारी निरीक्षक संतोष भुआर्य, उपनिरीक्षक रामेश्वरी बघेल, कृष्ण कुमार गिलहरे, महिला आरक्षक सविता खरे, गोविंद मरकाम, नोहर सिंह ठाकुर, विमल लकडा, रोशन साहू, प्रमोद कुमार यादव का उल्लेखनीय योगदान रहा।

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