अछोटी में मनाया गया पारंपरिक मातर

ब्लॉक अध्यक्ष हीरालाल वर्मा के मुख्य अातिथ्य में संपन्न हुआ आयोजन

दुर्ग धमधा:_ छत्तीसगढ़ के गांवो में मातर, मेला मंडाई छत्तीसगढ़ की परंपरा है। यहां सुरहोती (दीपावली) के अगले दिन गोवर्धन पूजा और उसके बाद के दिन को “मातर” कहा जाता है। “मातर” में मा का अर्थ है माता और ‘तर” यानी उनकी शक्ति को जगाना। इस पर्व में गाय की पूजा की जाती है। छत्तीसगढ़ में यह पर्व मुख्य रूप से यादव ( राउत, ठेठवार, पहटिया) समाज के लोगो के द्वारा मनाया जाता है, परंतु अन्य समाज के लोग भी इसमे शामिल होते है। यादव समुदाय के लोग घर-घर (जिनके घरों में गोवंश पाले जाते है) जा कर दोहा, नाचा करते है। मातर के पावन पर्व में आज दुर्ग जिला धमधा जनपद के ग्राम पंचायत अछोटी के गोठान में मातर पर्व का आयोजन किया गया। जिसमें गायों को गौ चरवाहों द्वारा गायों को सोहाई बांधा गया, तत्पश्चात गायों को दंड खिलाई का रस्म अदायगी कर मातर देव की विधिविधान से पूजा किया गया।जिसमें मुख्य अतिथि हीरालाल वर्मा अध्यक्ष ब्लॉक कांग्रेस कमेटी अहिवारा, पूर्व सरपंच भुनेश्वर साहू, इंद्रकुमार कुर्रे, देवानंद वर्मा, संतोष वर्मा, ईश्वरी वर्मा, रामबिसाल यादव, साधु राम साहू, भागवत यादव, सोमकान्त वर्मा व ग्रामवासी सम्मिलित हुए।

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