-द्वितीय चरण में 1000 स्ट्रक्चर्स पर होगा काम
– कलेक्टर ने धमधा में एनजीजीबी की बैठक में नरवा तथा अन्य योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा की
दुर्ग / नरवा योजना के अंतर्गत प्रथम चरण में जिन नालों में एरिया ट्रीटमेंट का काम हुआ है वहां शानदार सफलता मिली है और वाटर लेवल काफी बड़ा है इससे उतेरा फसल को लेकर काफी उम्मीदें बढ़ गई है क्योंकि जल स्तर काफी बढ़ा है। पिछले साल भी होली के समय किसानों ने बढ़े जलस्तर की वजह से खेती की थी और इस बार पिछले वर्ष की तुलना में ज्यादा बेहतर स्थिति है। कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे ने आज धमधा जनपद पंचायत में एनजीजीबी की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि द्वितीय चरण में एरिया ट्रीटमेंट के साथ ही चैनल ट्रीटमेंट पर भी फोकस होगा। इसके लिए 1000 काम चिन्हांकित किए गए हैं। 10 नवंबर तक सभी कार्यों की स्वीकृति करा ली जाए तथा 30 अप्रैल तक सारे काम पूरे हो जाने चाहिए। प्रथम चरण में जिन नालों में डिसिल्टिंग का काम छूट गया है, उन नालों में डिसिल्टिंग का कार्य पूरा हो जाए। उन्होंने कहा कि इस बार चैनल ट्रीटमेंट में डाइक वाल का काम होगा जिससे भूमिगत जल के स्तर में और तेजी से बड़ा बढ़ावा होने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि धमधा क्षेत्र अपेक्षाकृत जल के दृष्टिकोण से समस्या वाला क्षेत्र है। नरवा योजनाओं के पूर्णता क्रियान्वयन होने से इस स्थिति में सुधार होगा। साथ ही उन्होंने कहा कि नालों में जो पुराने स्ट्रक्चर बने हैं उनकी मॉनिटरिंग कर सभी में मरम्मत का कार्य अनिवार्यता पूरा करने कहा।
रबी फसल को देखते हुए किसानों को उपलब्ध कराए कम्पोस्ट खाद– कलेक्टर ने कहा कि अभी किसान उतेरा फसल लेंगे। इसके लिए उन्हें खाद की जरूरत होगी, इसके लिए समितियों के माध्यम से किसानों को कंपोस्ट खाद उपलब्ध कराएं। साथ ही जो खाद पूरी तरह से प्रोसेस हो चुका हो उसे भी विक्रय के लिए उपलब्ध कराएं। कलेक्टर ने कहा कि गौठान में वर्मी कंपोस्ट निर्माण की रिफ्रेशर ट्रेनिंग भी होनी चाहिए ताकि स्व-सहायता समूह वर्मी कंपोस्ट निर्माण की आधुनिक पद्धतियों से अवगत हो सके। उन्होंने कहा कि जितना बढ़िया गुणवत्ता युक्त खाद होगा, किसानों की मांग इसे लेकर उतनी ही अधिक होगी। कलेक्टर ने कहा कि सभी गौठनों को मल्टी एक्टिविटी सेंटर के रूप में विकसित करना है जिन गौठान में यह कार्य नहीं हुआ है। उनके प्रस्ताव 10 दिनों के भीतर बना कर दें। प्रस्ताव में गतिविधियों का चयन स्थानीय बाजार की प्रकृति के मुताबिक, नवाचार के मुताबिक और जरूरत के हिसाब से होना चाहिए।
सर्वाधिक पैरादान कराने वाले पंचायत को पुरस्कृत किया जाएगा– कलेक्टर ने कहा कि गौठान के सुविधा पूर्ण संचालन के लिए पैरा दान बेहद आवश्यक है। इसके लिए किसानों को प्रेरित करें । किसानों के स्वतःस्फूर्त योगदान से पैरादान कार्यक्रम सफल होता है। इस बार जिस पंचायत में सर्वाधिक पैरा दान किया जाएगा। उसे पुरस्कृत किया जाएगा। कलेक्टर ने कहा कि रोका छेका अभियान होली तक बढ़ाया गया है इसकी मॉनिटरिंग करते रहे। बैठक में जिला पंचायत सीईओ श्री अश्विनी देवांगन जी उपस्थित थे। उन्होंने कहा कि धमधा ब्लाक के जिन गौठान में अच्छा कार्य हुआ है और नवाचार हुए हैं। वहां पर अन्य घोटालों के प्रबंधन का भ्रमण कराएं ताकि इन नवाचारों का प्रचार हो सके और सभी गौठान में इसका लाभ लिया जा सके। इस दौरान एसडीएम श्री बृजेश क्षत्रिय, जनपद सीईओ श्री प्रकाश मेश्राम सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद थे।
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नरवा से बेहतर हुई धमधा ब्लॉक में भूमिगत जल की स्थिति, प्रथम चरण में ही आ गए बेहतर नतीजे
