किसी व्यक्ति को अचानक शरीर का संतुलन में परेशानी, नेत्र विकार, चेहरे में टेढ़ापन, हाथ पैर में अचानक कमजोरी, आवाज का न निकलना आदि कोई एक लक्षण हैं तो लकवा हो सकते है

पाटन। वर्तमान समय मे असंतुलित आसीन जीवन शैली, फ़ास्ट फूड, प्रदूषण, स्मोकिंग, नशा, गतिहीन शारिरिक आदि के कारण अनेक गैर संचारी रोग जैसे कि हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज के अलावा हार्ट अटैक, एवं स्ट्रोक जिसे सामान्य बोली में लकवा बोला जाता है बुजुर्गों के अलावा युवावस्था में भी मिल रहा है। आज 29 नवंबर को विश्व स्ट्रोक दिवस पर विकासखंड पाटन में समस्त 47 स्वास्थ्य केंद्रों( सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों तथा हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर) में कलेक्टर दुर्ग डॉ भूरे एवं सीएमएचओ डॉ ठाकुर के निर्देशन में जागरूकता ,शिविर कार्यक्रम आयोजित किए गए।

बीएमओ डॉ आशीष शर्मा ने बताया कि कार्यक्रम में विशेषकर स्ट्रोक(लकवा)/ मष्तिष्क आघात के प्रारंभिक लक्षणों B.E.F.A.S.T पर विशेष फोकस किया गया।
किसी व्यक्ति को अचानक शरीर का संतुलन (Balance) में परेशानी, नेत्र विकार( Eye blurring), चेहरे(Face) में टेढ़ापन/झुकाव, हाथ पैर (ARM) में अचानक कमजोरी/शिथिलता, वाणी(Speech) में तुतलापन या आवाज का न निकलना आदि कोई एक लक्षण या एक से अधिक लक्षण मिलते हैं तो यह स्ट्रोक (लकवा) के लक्षण हो सकते हैं। अतः समय(Time) न गवांते हुए अतिशीघ्र स्वास्थ्य केंद्र/चिकित्सक से परामर्श कर त्वरित उपचार प्राप्त करना चाहिए जिससे लकवा के कारण मृत्यु , जटिलता से बचा जा सके। गोल्डन 3 घंटे में समुचित आवश्यक उपचार मिलने पर रिकवरी बहुत अच्छी होने की संभावना होती है।
अध्ययनो से ज्ञात हुआ है कि लगभग 6 लोगों में से 1 व्यक्ति में किसी भी समय स्ट्रोक होता है। अतः अपने परिवार, समुदाय में लकवा से बचाव, लक्षण आदि का प्रचार प्रसार कर गैर संचारी रोगों का नियंत्रण में सहभागी बने ।
कार्यक्रम में बीपीएम पूनम साहू, श्रीमती चंद्रकांता साहू, बीडीएम श्री टीमन साहू, श्री जीवन यादव, श्री लक्षमीनारायण, कृष्णा यादव आदि ने सहयोग किया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *