मुख्यमंत्री के क्षेत्र में सड़क चौड़ीकरण प्रभावितों को मुआवजा,,,,गृहमंत्री के क्षेत्र में क्यों नहीं

सतीष पारख की रिपोर्ट,,

भूमि लगानी हो तो भूमि व निर्माण का, आबादी हो तो निर्माण खर्च आज की वैल्यू के हिसाब से मुआवजा दिया जाय

उतई….उतई मचादूर मार्ग चौड़ीकरण का बाहरी क्षेत्र का कार्य पूर्णता की ओर है।अब इस मार्ग पर आने वाले भीतरी आवासीय क्षेत्र में नाली निर्माण कार्य प्रारंभ है । मार्ग उतई खोपली घुपसीडीह मचादूर के आवासीय क्षेत्र आते है।प्रभावितों को मुआवजा हेतु अब तक कोई पहल नजर नहीं आ रही है जबकि वर्ष पूर्व भी लोक निर्माण विभाग को तथा माह पूर्व माननीय लोक निर्माण मंत्री जी को लिखित में ज्ञापन दिया जा चुका हैं।इसके विपरीत मुख्यमंत्री जी के क्षेत्र में छोटे छोटे गांव की भीतरी सड़कों के निर्माण में भी प्रभावितों को मुआवजा दिया गया है। करोना काल के दो वर्ष ना सिर्फ आमजन अपितु व्यवसायी भी आर्थिक रूप से टूट चुके है उन पर यह दोहरी मार क्यों। शासन बिना भेदभाव के प्रकरण तैयार कर मुआवजा निर्धारण करे प्रदान करे उपरांत ही विभाग भीतरी हिस्सों में कार्य करे।साथ ही गौरव पथ के नाम पर उतई पाटन पुल से इंदिरानगर तक मार्ग के प्रभावितों को भी मुआवजा प्रदान किया जाय।
ग्रामीण क्षेत्रों के साथ साथ उतई नगर पंचायत क्षेत्र के भी प्रभावित अब लामबंद होने लगे है ।दीपावली उपरांत यह मामला आगे बढ़ाने की सुगबुगाहट उतई खोपली घुघसीडीह मचादूर तक चर्चा होने लगी है क्योंकि सेलुद जामगांव मार्ग मतंग मानिकचौरी मार्ग अंडा फुंडा मार्ग के प्रभावितों को भी मुआवजा दिया गया है फिर अब दुर्ग ग्रामीण के प्रभावितों के साथ भेदभाव क्यों जबकि यहां के विधायक ही लोक निर्माण मंत्री है ।

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