सिरना भाठा में निवास कर रहे जनजाति पुनः दहशत में

प्रदीप ताम्रकार धमधा के रिपोर्ट

धमधा— जनपद पंचायत धमधा के ग्राम पंचायत डगनिया के आश्रित ग्राम सिरना भाठा के जनजाति समाज के लोग पुनः बेदखली को लेकर दहशत में हैं केंद्र और राज्य सरकार की मोर जमीन मोर मकान योजना आखिर कहां लुप्त हो गई है सिरना भाठा में करीब 40 परिवार जनजातियों के हैं जो झोपड़ी बनाकर निवास कर रहे हैं बद्री तालाब से यह लोग धार्मिक भावना के चलते मौत हो जाने के भय से जनपद के सामने और कॉलेज के पास झोपड़ी बनाकर रह रहे हैं 23 अक्टूबर को तहसीलदार द्वारा पुलिस के जवानों के साथ बेदखली का प्रयास किया गया लेकिन उनके विरोध के चलते बेदखली नहीं हो पाया भविष्य में बेदखली के डर से ये दहशत में हैं हारा बाई रनिया व दिलीप गुप्ता कहते हैं कि हम 20 वर्षों से निवासरत हैं राशन कार्ड आधार कार्ड सब बना हुआ है हमारे पास रहने के लिए जगह नहीं है प्रत्येक परिवार को छोटी जगह मिल जाए तो हम अच्छी जिंदगी जी सकते हैं ये जनजाति के लोग छोटी सी जमीन के लिए दर-दर की ठोकरें खा रहे हैं जबकि कई लोगों के अवैध कब्जे मौजूद है जरूरत से ज्यादा जमीन घेरे हुए हैं सरकार को गंभीरता से लेते हुए उनके आवास की व्यवस्था करनी चाहिए ये लोग छोटे-मोटे काम करते हुए झोपड़ी बनाकर अपना जीवन यापन कर रहे हैं एसडीएम बृजेश क्षत्रिय ने कहा की बुधवार को जैसी भी स्थिति होगी उचित कार्रवाई की जाएगी प्रयास यही रहेगा की इनको आवास के लिए सुविधा दी जा सके ताकि भी अपनी जिंदगी अच्छी तरह से जी सकें

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