संघ लोगों में सेवा भाव एवँ देश भक्ति के लिये प्रेरित करती है ,, आरएसएस का विजयादशमी उत्सव पर्व मनाया गया

पाटन–राष्ट्रीय स्वयं संघ विकास खण्ड पाटन का विजयादशमी उत्सव नए बस स्टैंड में मनाया गया , इसके पहले सरस्वती शिशु मंदिर में बौद्धिक कार्यक्रम के बाद शाम को पथ संचलन किया गया विजयादशमी उत्सव के मुख्य वक्ता भूषण साहू ने कहा कि कलयुग में संगठन की शक्ति ही महत्वपूर्ण है 1925 में संघ की स्थापना हुई है तब से संघ सेवा भाव से कार्य कर रही है बाढ़, सूखा जैसे प्राकृतिक आपदा से पीड़ित लोगों की मदद करती आ रही है अभी कोरोना काल मे भी जब सब डर से घर मे बन्द थे तब भी संघ के स्वयं सेवक कोरोना पीड़ितों की मदद कर रहे थे उन्होंने कहा कि धर्म के मामले में हिन्दू धर्म को मजबूत एवँ संगठित करना है उन्हें सामर्थवान बनाना है भारत माता का मस्तक ऊंचा हो ,माता की जय पुरानी दुनिया मे हो इसके लिये अपने जान न्योछावर करने भी तैयार है डॉ हेडवेकर ने विजया दसमी पर्व में देश भक्ति की भवना पैदा हुए उसके लिये कार्य किया तब से संघ में विज्यादसमी दसमी का पर्व में बैद्धिक के माध्यम से स्वयंसेवको में देश भक्ति भावना बढ़ाती है, मुख्य वक्ता ने कहा कि मंदिरों में अब मशीन से घण्टी, नगाड़े बजाए जाते है जिस दिन यह बन्द हो जाएगा लोग हाथ से घण्टी नगाड़ा बजाने लग जाएंगे उस दिन हिन्दू समाज को नई उत्साह मिलेगी उन्होंने कहा कि कवर्धा की घटना के बता दिया कि करोड़ो वर्ष के बाद भी हिदू समाज को जागृत करने की जरूरत है इसके लिये हमें अपने धर्म की रक्षा के कार्य करना चाहिए उन्होंने डॉक्टर हेडवेकर के बचपन मे ही देश भक्ति से परिपूर्ण संस्मरण सुनाया इस अवसर पर राजेन्द्र साहू,जगदीश मालपानी,संजय शर्मा,चेला राम साहू, जितेंद्र वर्मा,कृष्णकुमार भाले, दिलीप साहू,संतराम कुम्भकार,दीपक सावर्णी, झगेन्द्र चक्रधारी, होरीलाल देवांगन,दामोदर चक्रधारी, हलधर महल्ला ,टीकाराम साहू के अलावा अन्य उपस्थित थे

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