✍? रिपोर्टर विक्रम कुमार नागेश गरियाबंद
मैनपुर / देवभोग- जब भी छत्तीसगढ़ी साहित्य की बात होती है तो जनाब मीर अली मीर साहब का नाम पूरी शिद्दत के साथ लिया जाता है। अगर आप छत्तीसगढ़ी साहित्य में रूचि रखते है तो आपको वो छत्तीसगढ़ी गीत जरुर याद होंगे, जिनके बोल है नंदा जाही का रे…। जी हां इस गीत के रचियता मीर अली मीर साहब है। छत्तीसगढ़ राज्य के लोक कवि मीर अली मीर साहब ने नंदा जाही का रे जैसी माटी की महक बिखेरने वाली गीत लिखी है। मीर अली मीर छत्तीसगढ़ी साहित्य की दुनिया में बड़ा नाम हैं, मीर अली मीर पेशे से शिक्षक रहे हैं। उनकी कविता में छत्तीसगढ़ के माटी की सौंधी खुशबु आती है। छत्तीसगढ़ राज्य की विलुप्त होती ग्रामीण कला संस्कृति को अपने साहित्य के माध्यम से सामने लाने का भागीरथी प्रयास कर रहे है और छत्तीसगढ़ की माटी की सौंधी खुशबु को पूरे देश में फैला रहे हैं।छत्तीसगढ़ के सबसे बड़े रसखान कवि मीर अली मीर जी की कविताएं सिर्फ छत्तीसगढ़ ही नहीं बल्कि देश के कई राज्यों में भी लोकप्रिय है।

मैनपुर ब्लॉक के ग्राम उरमाल में नवरात्र के पावन उपलक्ष पर कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया, इस कवि सम्मेलन में क्षेत्र के कवियों के साथ छत्तीसगढ़ के सबसे बड़े रसखान कवि मीर अली मीर एवं हास्य कवि कृष्णा भारती भी विशेष रुप से आमंत्रित हुए थे। जिन्होंने अपने साहित्य के माध्यम से देर रात तक समां बांधा।
जब युमेन्द्र कश्यप नें कवि मीर अली मीर को उन्हीं की रचित कविता सुनाई- उरमाल पहुंचे युवा संघर्ष मोर्चा गरियाबंद जिलाध्यक्ष युमेन्द्र कश्यप आयोजित कवि सम्मेलन में पहले तो जब कवि मीर अली मीर जी मंच पर कविता का पाठ करनें आए तब दर्शकों के बीच से छत्तीसगढ़िया सबले बढ़िया… कहकर अभिवादन किया, साथ ही सम्मेलन के समापन के बाद छत्तीसगढ़ के सबसे बड़े रसखान कवि मीर अली मीर से मुलाकात किये इस दौरान कवि मीर अली मीर जी को उन्हीं की रचित कविता नंदा जाही का…. गाकर सुनाई तो कवि मीर अली मीर गदगद हो गए। मीर अली मीर से बातचीत करते हुए युमेन्द्र कश्यप ने कहा कि- मैं बचपन से आपकी कविता सुनते आ रहा हूं। आपकी कविताओं में छत्तीसगढ़ की माटी की सौंधी खुशबू आती है। जो मन मोह लेती है। हमें गर्व है कि छत्तीसगढ़ की पावन धरती में आप जैसे कवि जन्में। इस दौरान युमेन्द्र कश्यप नें हास्य कवि कृष्णा भारती से भी मुलाकात कर सैल्फी लिए।
