रिपोर्ट-रोशन सिंह
पाटन ब्लॉक के ग्राम मोतीपुर में निर्माणाधीन कामाख्या देवी का मंदिर अपने आप मे आकर्षण का केंद्र बनी हुई है।यह मंदिर भविष्य में अत्यंत दर्शनीय एवं पूजनीय स्थल होगा।इस मंदिर निर्माण कार्य को दर्शनार्थियों के लिए सुगमतापूर्वक देखने के लिए चारो दिशाओ को ध्यान में रखते हुए बनाया जा रहा है।दुर्ग जिला के पाटन ब्लॉक अंतर्गत ग्राम मोतीपुर मुख्य जगह पर स्थित है जहाँ पर रायपुर,दुर्ग भिलाई से दर्शनार्थियों को कामाख्या मंदिर आने में कोई परेशानी नही होगी व ज्यादा दूरी भी तय नही करना पड़ेगा।मंदिर निर्माण कार्य के बारे में शैल बाबा ने बताया कि विभिन्न स्थलों जंगलो गुफाओ कंदराओं में घोर तपस्या और तप करते हुए कामाख्या देवी के मंदिर पहुँचकर एक लंबा समय उन्होंने नीलगिरी पर्वत की सिद्ध पीठ पर गुजारा है।और सम्पूर्ण भारत में जगह जगह कामाख्या देवी के मंदिरों की स्थापना और उनका निर्माण करते हुए वर्तमान में मोतीपुर में विराजमान है। बाबा ने बताया कि अपनी 80 वर्ष की उम्र में माँ कामाख्या देवी की कृपा से स्वास्थ्य व ऊर्जावान हु।उनका मानना है कि असम के गुवाहाटी के समीप जा कर इस सबसे पुराने शक्ति पीठ तक दर्शन करने न जा सके इस हेतु बाबा ने यह कार्य योजना बनाकर जगह जगह कामाख्या शक्तिपीठ का प्रतिबिम्ब स्थापित किया जाए ताकि भारतवर्ष के सभी जन कामाख्या देवी का दर्शनलाभ पा सके।इसी तारतम्य में बाबा अभी मोतीपुर में विराजमान होकर कामाख्या देवी के मंदिर के निर्माण कार्य मे लगे हुए है।बाबा द्वारा श्रद्धालुओं से मंदिर निर्माण कार्य मे सहयोग की भी अपील किया है।बाबा द्वारा अबतक 137 यज्ञ,अनुष्ठान इत्यादि करा चुके है।यहाँ वर्ष में चार नवरात्र तथा अन्य पूजा का विधि विधान एवं अनुष्ठान कराए जाते है ।
