सराहनीय पहल: बहू बनाकर लाये थे… सास-ससूर ने बेटी बनाकर बिदा किये

पाटन। कहते हैं अच्छे इंसान की पहचान उसके कर्मों से हो जाती है और जो इंसान अच्छा कर्म करता है उसका फल उसे कभी न कभी जरूर मिलता है। बहुत कम लोग ही होते हैं जो दूसरे के बारे में अच्छा सोचते हैं। दुनिया में आपने कईं तरह की सास बहुए देखी होंगी। सास-बहु का झगड़ा जग जाहिर है। लेकिन क्या आपने कभी एक सास को माँ और ससूर को पिता के फ़र्ज़ निभाते हुए देखा है? ऐसा हालाँकि फिल्मों में ही होता है। परन्तु, हाल ही में पाटन क्षेत्र के सबसे बड़े ग्राम सेलूद में एक सच्ची घटना ने सास-ससूर की परिभाषा बदल कर रख दी है। सास-ससूर ने ना केवल अपनी विधवा बहु को बेटी की तरह प्यार दिया बल्कि एक माँ-बाप बन कर उसकी दूसरी शादी भी करवा कर उसे विदा किया।
स्थानीय साहू समाज सेलुद के संरक्षक सदस्य पुनीत राम साहू शुक्रवार को अपने पुत्रवधु श्रीमती किरण साहू की अपने बेटी बनाकर पुनर्विवाह सम्पन्न कराया।
गौरतलब हो कि पुनितराम राम साहू के पुत्र राजू साहू का तीन साल पहले आकस्मिक निधन हो गया था। जिसके बाद अपने बहू किरण साहू का विवाह संतोष साहू खरतुली, जिला धमतरी के साथ सामाजिक रीतिरिवाज के सम्पन्न करवाया।
सास -ससुर ने अपनी ढलती उम्र को देख कर और बहु को इस तरह से देख कर उन्होंने ये फैसला लिया, फिर क्या था बिन देर किये अपनी बहू को बेटी की तरह पुर्नविवाह कर सामाजिक रीति-रिवाज के साथ उसका कन्या दान किया। ससूर पुनितराम साहू एवं सास इंद्रा साहू ने बताया कि बहू की शादी इसलिए कराई कि हमारी उम्र भी हो चली लेकिन बहू के सामने तो पूरा जीवन पड़ा है। हमारे चले जाने के बाद उसकी जिंदगी वो अकेले कैसे काटती ये सोचकर हमने ये फैसला किया कि बहु को बिल्कुल बेटी की तरह ही विदा किया। दोनों की आंखे विदाई के समय नाम हो गई थी। बहू ने भी बेटी की खुद का फर्ज निभाया।
मौके पर प्रमुख रूप से ललित चौधरी , लखन साहू, रूपेंद्र गंजीर, ओमप्रकाश साहू, मुक्तु राम साहू , भोलाराम साहू, अनिल बनपेला सहित समाज के पदाधिकारी व परिजन उपस्थित थे।

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