23 अक्टूबर को पाटन में आगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिका संघ का जंगी प्रदर्शन,14 सूत्रीय मांग को लेकर जारी है चरणबद्ध आंदोलन


पाटन। आगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिका संघ छतीसगढ़ के आह्वान पर पाटन ब्लॉक के अभी आगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिका संघ द्वारा चरणबद्ध आंदोलन किया जा रहा है। इसी कड़ी में आगामी 23 अक्टूबर को पाटन में ब्लॉक धरना प्रदर्शन किया जाएगा। इससे पहले आगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिका संघ द्वारा परियोजना अधिकारी को ज्ञापण सौपकर आंदोलन की जानकारी दी जा चुकी है। अब एक आंदोलन को सफल बनाने के लिए आगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिका संघ के ब्लॉक इकाई के पदाधिकारी अभी सेक्टर में जाकर बैठक ले रही है।

आगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिका संघ के पाटन ब्लॉक अध्यक्ष् श्रीमतीं लता साहू ने बताया कि संघ के जायज मांगो को लेकर पिछले कई साल से आंदोलन करते आ रहे है। इस बार भी प्रांतीय आह्वान पर 23 अक्टूबर को पाटन ब्लॉक मुख्यालय में धरना प्रदर्शन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इसकीं तैयारी भी जोरशोर से की जा रही है। ।पाटन ब्लॉक का आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिका संघ का लगातार सेक्टर बैठक चल रही है। उन्होंने बताया कि अभी चरणबद्ध आंदोलन की कड़ी में 2 अक्टूबर से 12 अक्टूबर तक सभी मंत्री विधायक, सांसद, जनपद ,सरपंच जनपद सदस्य, जिला पंचायत सदस्य सभी को ज्ञापन दे रहे हैं।

ये है संघ का 14 सूत्रीय मांग

1, शिक्षाकर्मियों की तरह आंगनवाड़ी कार्यकर्ता सहायिकाओं को भी सरकारी कर्मचारी घोषित किया जाए।

2,  जीने लायक वेतन दी जाए, मध्य प्रदेश की तरह कम से कम ₹10000 स्वीकृत किया जाए।

3, चुनावी घोषणा पत्र में किए वादे पूरा किया जावे।

4, मासिक पेंशन ग्रेच्युटी और समूह बीमा योजना लागू की जावे।

5, सुपरवाइजर के रिक्त पदों को शत प्रतिशत वरिष्ठता क्रम में कार्यकर्ताओं से भरा जावे।

6, कार्यकर्ता के रिक्त पदों पर सहायिकाओं को लिया जावे जो 35% बंधन समाप्त किया जावे।

7, सुपरवाइजर को परियोजना अधिकारी और परियोजना अधिकारियों को शीघ्र जिला अधिकारी के पद पर पदोन्नत किया जावे।

8, मोबाइल, मोबाइल भत्ता और नेट चार्ज दिया जावे, नही देने की स्थिति में  मोबाइल से कोई अन्य कामना न लिया जावे।

9,  चिकित्सा भत्ता दिया जावे।

10,  मिनी आंगनबाड़ी को पूर्ण आंगनबाड़ी में संविलियन किया जावे। 

11,शासकीय महिला कर्मचारियों को मिलने वाले शिशु पालन अवकाश आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिका को भी स्वीकृत किया जावे।

12,  मानदेय प्राप्त मानदेय को महंगाई से जोड़ा जावे और महंगाई भत्ता दिया जावे।

13, कोविड-19 के समय या रेगुलर सेवा के दौरान आकस्मिक मृत्यु होने पर कार्यकर्ता सहायिकाओं के परिवार के एक सदस्य को अनुकंपा नियुक्ति की जावे।

14, केंद्रों में रिक्त कार्यकर्ता सहायिकाओं के पदों को शीघ्र भरा जावे।


Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *