राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत निर्माण हो रहे हैं जैविक खाद,

✍? रिपोर्टर विक्रम कुमार नागेश गरियाबंद

मैनपुर-गोहरापदर कलस्टर पी आर पी रेवती मनहरे के नेतृत्व में बनाई जा रही है जैविक दवाई युक्त खाद ग्राम पंचायत धरनीढोडा के समीप तैयार किया जा रहा है,तथा लोगो के घर-घर जा कर व उपयोग विधियों को समझाया जा रहा है। समूह
टीम के सन्तोष बघेल ने बताया कि हमारे लगभग चार से अधिक महिलाओं सहित टीम छुरा से आई है जो जैविक खाद पर काम कर रही है,जैसे गोबर खाद में घनजीवामृत खाद जिसके मिश्रण के लिए लगभग सौ किलो गोबर दो किलो गुड़, दो किलो बेसन,दो किलो दीमक की मिट्टी तथा दस लीटर गौ मूत्र से तैयार किया जाता है जिसकी उपयोग से खेतों में उपज,वज़न, उत्पादन में अधिक से अधिक लाभदायक है और खेतों की उर्वरक शक्ति में बढ़ोतरी होती है।
ब्रम्हास्त्र जैविक दवाइयों के छिड़काव से भी लाभ मिलता है जैसे -तना छेदक,फल छेदक
निमास्त्र से कीटो से नियंत्रित किया जा सकता है।मुख्य रूप से इस टीम में संतोष बघेल, नीरा यादव,गौरी, टंकेश्वरी निषाद,नरेश कुमार साहू,सामिल हैं

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