✍? रिपोर्टर विक्रम कुमार नागेश गरियाबंद

मैनपुर- जिले की अंतिम छोर में बसा ग्राम पंचायत बुर्जा बहाल आदिवासी बहुल क्षेत्रों में प्रशासनिक विकास कार्य तो हुए,लेकिन आधा अधूरा यहाँ के ग्रामीणों ने बताया कि लाखों की लागत से नल- जल योजना के तहत पानी टँकी(पिला हाथी) का निर्माण कार्य लगभग दो- तीन साल में बन गया लेकिन ,अधूरा कार्य कर छोड़ दिया गया है, न कोई पाईप- लाइन विस्तार किया गया है, न ही इसका लाभ ग्रामीणों को मिल रहा है,ग्रामीणों में काफ़ी आक्रोश देखने को मिल रहा है,सरपंच प्रतिनिधि चंद्रध्वज(मोहरिया) नेताम व वहाँ उपस्थित लोगोँ ने बताया कि हमारे पंचायत में गौठान का निर्माण नही हुआ है,जबकि दस से पंद्रह की संख्या में महिला स्व सहायता समूह है,जो सरकारी लाभ गोबर बेंच कर जीविकोपार्जन हेतु कुछ पैसे भी मिल जाते,शौचालय है लेकिन उसका उपयोग कोई नही करता,किसी का टूटा हुआ है,तो कई जर्जर पड़े है।ग्रामीणों की सबसे बड़ा मांग जो है,पीने योग्य पानी हेतु घर- घर पाईप विस्तर व सु नियोजन लाभ मिलता रहे।

