शिक्षक समाज व देश का भविष्य गढ़ते है शिक्षक- योगिता.. गुरु ही शिष्य में अच्छे चरित्र का निर्माण करते हैं- हिरवानी

रिपोर्ट-रोशन सिंह

उतई ।दुर्ग ग्रामीण विधानसभा अंतर्गत ग्राम कोड़िया में शाला प्रबन्धन एवं विकास समिति व ग्राम पंचायत ने शिक्षा गौरव शिक्षक सम्मान समारोह का आयोजन किया। इस दौरान ग्राम के तीनों स्तर के स्कूली शिक्षकों एवं शिक्षा सारथियों का सम्मान किया गया।
कार्यक्रम में जिला पंचायत दुर्ग कृषि सभापति योगिता चंद्राकर जी बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुई, वहीं विशिष्ट अतिथि के रूप में जनपद पंचायत दुर्ग कृषि सभापति राकेश हिरवानी, कृषक कल्याण परिषद छग शासन के सदस्य जेपी दीपक, हनोदा सरपंच तेजराम चंदेल, भानपुरी सरपंच राजू देशमुख, कोकड़ी पूर्व सरपंच रोशन साहू, चंद्राकर जी रिसामा, हाई स्कूल प्राचार्य अनिल कुमार गुप्ता, मीडिल प्रपा नंदा भिवगड़े, प्राइमरी प्रपा आरतीराम साहू, मलेश निषाद, नीलम निषाद सहित अन्य गणमान्य मौजूद रहे।
कार्यक्रम के मुख्य आयोजक भरत चंद्राकर जी ने कार्यक्रम का उद्देश्य बताते हुए कहा कि गुरु-शिष्य परंपरा भारत की संस्कृति का एक अहम और पवित्र हिस्सा है जिसके कई स्वर्णिम उदाहरण इतिहास में दर्ज हैं। शिक्षक उस माली के समान है, जो एक बगीचे को अलग अलग रूप-रंग के फूलों से सजाता है। जो छात्रों को कांटों पर भी मुस्कुराकर चलने के लिए प्रेरित करता है। शिक्षकों को भी वह सम्मान मिलना चाहिए जिसके वे हकदार हैं इसीलिए उन्होंने पहली बार शिक्षकों का सम्मान पंचायत स्तर पर आयोजित किया। इससे कार्यक्रम के माध्यम से छात्रों के साथ पालक व ग्रामीणजन भी गुरुजनों के सम्मान में शामिल हो सकते हैं
सह-आयोजक ग्राम सरपंच चंद्रभान सारथी जी ने बताया कि शिक्षक सम्मान समारोह में हाई स्कूल, मीडिल स्कूल व प्राइमरी स्कूल के शिक्षकों के साथ कोरोना काल मे सेवा देने वाले शिक्षा सारथियों का भी सम्मान प्रतीक चिन्ह एवं श्रीफल प्रदान कर किया गया। उन्होंने कहा जिन शिक्षकों के आशीर्वाद से उनको जीवन मे सफलता मिली उन्ही शिक्षकों का सम्मान बड़े स्तर पर अपने कार्यकाल में शुरू करके बहुत गर्व हो रहा है और अब यह परंपरा निरन्तर जारी रखने प्रयास करूंगा।
योगिता चंद्राकर जी ने कार्यक्रम की सफलता की बधाई देते हुए कहा गुरुजनों का सम्मान सिर्फ छात्रों के लिए नहीं बल्कि पालक व पूरे ग्रामवासियों की जिम्मेदारी होनी चाहिए। शिक्षक सम्पूर्ण जीवन देश व समाज के भविष्य को गढ़ने का कार्य करते हैं।
राकेश हिरवानी जी ने शिक्षकों को सम्मानित करते हुए कहा गुरु ही शिष्य में अच्छे चरित्र का निर्माण करता है। लेकिन वर्तमान परिप्रेक्ष्य में देखें तो गुरु-शिष्य की परंपरा कहीं न कहीं कलंकित हो रही है। आए दिन शिक्षकों द्वारा विद्यार्थियों एवं विद्यार्थियों द्वारा शिक्षकों के साथ दुर्व्यवहार की खबरें सुनने को मिलती हैं। इसके लिए शिक्षक व छात्रों के साथ पालको को विशेष ध्यान देना होगा।
कार्यक्रम का संचालन जेपी दीपक जी ने एवं आभार एसएमडीसी सदस्य आदित्य भारद्वाज ने किया।
कार्यक्रम को सफल बनाने में शौर्य संगठन के सचिव व एसएमडीसी सदस्य आदित्य भारद्वाज, उपसरपंच चंद्रकुमार चंद्राकर, पंच राजूलाल साहू, रामप्रसाद साहू, सुमन निषाद, अनिता साहू, पूर्णिमा साहू, शौर्य युवा संगठन के शिक्षा सारथी, एसएमडीसी सदस्य, पंचायत प्रतिनिधि सहित स्कूली छात्रों का विशेष योगदान रहा।

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