परमेश्वर कुमार साहू,गरियाबंद
सरकार द्वारा शिक्षा के स्तर को उठाने किए जा रहे प्रयास पर जिम्मेदार शिक्षकों द्वारा पानी फेरा जा रहा है।बच्चो के भविष्य को ऐसे शिक्षकों को बागडोर किया गया है, जिसे अपने कर्तव्यों के प्रति तनिक ध्यान नहीं है।इतनी अच्छी तनख्वाह और सुविधा मिलने के बावजूद लापरवाही का आलम ये है कि स्कूल में बच्चो को बिना कारण छोड़ जवाबदेही के प्रति घोर लापरवाही बरतते हुए कनफाड नंबर 2 के स्कूल से शिक्षक नदारद मिले। जंहा बिना शिक्षक के बच्चे स्कूल में बैठकर पढ़ाई करते मिले।
गरियाबंद जिले के आदिवासी बाहुल्य ब्लाॅक छुरा के आखिरी छोर में उड़ीसा राज्य के तटवर्ती सीमा में बसे गांव कनफाड 2 जो दूरस्थ वनांचल क्षेत्र है।जहा के प्राथमिक शाला में शुक्रवार को 2 बजे ही लापरवाह शिक्षक, शाला छोड़कर गायब थे। जिम्मेदारो को बच्चो के भविष्य के प्रति कोई सरोकार नहीं है।वहीं इस क्षेत्र के कुरेडादादर के प्राथमिक शाला के एक शिक्षक तथा माध्यमिक शाला के शिक्षक मिथलेश साहु बिना सूचना के लंबे समय से अनुपस्थित है।जिसकी जानकारी यहा के एचएम द्वारा विभाग को देना बताया।वहीं कछार पारा प्राथमिक शाला के सहायक शिक्षक लगभग दो साल से बिना विभाग को जानकारी दिए गायब है। जिम्मेदार शिक्षकों द्वारा बच्चो के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है।इसके बावजूद भी अब तक कोई ठोस कार्यवाही नहीं हुई है।जिसके चलते आज भी कई शिक्षक खुलेआम लापरवाही बरत रहे है।ब्लाॅक में शिक्षा व्यवस्था का हाल सुधरने के बजाय बिगड़ते नजर आ रहा है।

बिना शर्ट के खुला बदन स्कूल आ रहे बच्चे ,शिक्षा विभाग की खुली पोल
एक तरफ शासन प्रशासन निशुल्क शिक्षा की दावे कर रहा है।जिसके तहत स्कूली बच्चो को निशुल्क पुस्तक,गणवेश वितरण किया जाता है।लेकिन इनके दावे की पोल खोलता ब्लाॅक के दूरस्थ गांव के प्राथमिक शाला कन्फाड वन में देखने को मिला। जहा इस स्कूल के एक बच्चा बिना शर्ट के खुला बदन स्कूल में बैठकर पढ़ाई करते नजर आए।भले ही सरकार निशुल्क शिक्षा की बड़ी बड़ी बाते कर रहा हो लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही है। शासन प्रशासन की कथनी और करनी में बहुत अंतर है। इन आदिवासी बच्चो को स्कूली यूनिफार्म तक नसीब नहीं हो रहा है।वहीं पड़ताल के दौरान इस स्कूल के दोनों शिक्षक भी गायब मिले थे। ये पहली दफा है जब इस तरह का हैरान कर देने वाला मामला मिला।जिसने पूरे चरमराई शिक्षा व्यवस्था की पोल खोल दिया। जिले में शिक्षा व्यवस्था की बदहाली साफ तौर पर उजागर हो रही है।लेकिन जिम्मेदार अधिकारी व जनप्रतिनिधि कुंभकर्णी निद्रा में है।इन्हे अपनी जिम्मेदारियों से कोई सरोकार नहीं है।

वहीं इस संबध में विकासखंड शिक्षा अधिकारी के.के.मतवाले को संपर्क करने पर रायपुर में होने की बात कही और अनुपस्थित शिक्षकों पर अनुशासनात्मक कार्यवाही कार्यवाही का भरोसा दिलाया है।
