रिपोर्टर-परमेश्वर कुमार साहू,गरियाबंद
पांडुका। झोलाछाप डॉक्टर नरोत्तम साहू लगातार अवैध क्लीनिक संचालित कर मरीजों का इलाज कर रहे है।इनके पास न तो इलाज संबंधी कोई डिग्री है और न ही विभाग से कोई परमिशन।लेकिन कलेक्शन सेंटर की आड़ में झोलाछाप डॉक्टर नरोत्तम साहू द्वारा खुलेआम सारे नियमो की धज्जियां उड़ाते हुए मरीजों का इलाज कर मनमानी राशि वसूल रहे है।हर मर्ज की इलाज का दावा करने वाले इस झोलाछाप डॉक्टर ने एक तरफ पांडुका के चारो धाम चौक में कलेक्शन सेंटर खोला है तो दूसरी ओर अपने घर में झोलाछाप डॉक्टरी की दुकान सजा रखा है।जब पत्रकारों की टीम झोलाछाप डॉक्टर नरोत्तम साहू के अवैध क्लीनिक के पड़ताल के लिए पहुंचे तो वहां कई मरीजों का इलाज चल रहा था तथा एक मरीज के हाथ पर नस में इंजेकशन लगाते पाया गया।जिसका वीडियो फुटेज भी मीडिया टीम के पास सुरक्षित है।
चारोधाम चौक में क्लीनिक सील होने के बावजूद भी अपने घर में करता रहा इलाज
आपको बता दे की लगातार खबर प्रकाशन के बाद स्वास्थ विभाग ने कार्यवाही करते हुए नरोत्तम साहू के चारोधाम स्थित अवैध क्लीनिक को सील कर दिया था।सील लगने के बाद झोलाछाप डाक्टर द्वारा गांधी चौक पांडूका में लाकडाउन और कोरॉना काल भर भीड़ बढ़ाकर अपने घर में इलाज करते रहा।लेकिन कुछ माह पहले सील लगा क्लीनिक अब खुल गया है।विभाग द्वारा कार्यवाही होने के बावजूद इनके हौसले इतने बुलंद है कि लगातार नियम विरूद्ध एमबीबीएस की तर्ज पर मरीजों का इलाज कर लोगो को मौत के मुंह में धकेल रहे है और जिम्मेदार स्वास्थ विभाग कुंभकर्णी निद्रा में है।
पोंड में शटर बंद कर चल रहा है झोलाछाप डॉक्टरों का अवैध कारोबार
छुरा तहसील के सबसे आबादी वाला गांव पोंड में झोलाछाप डॉक्टर रोशन निर्मलकर और दिनेश साहू द्वारा कार्यवाही से बचने अपने अवैध क्लीनिक का शटर बंद कर मरीजों का इलाज जारी है।ये वही डाक्टर है जो बड़े से बड़े बीमारी का इलाज करने का दावा कर मरीजों का इलाज करते है और मनमानी राशि वसूलता है।जिसकी शिकायत के बावजूद भी स्वास्थ विभाग द्वारा आज तक कोई कार्यवाही नहीं किया।ऐसा प्रतीत होता है कि स्वास्थ विभाग के संरक्षण में इन डाक्टरों का गोरखधंधा खूब फल फूल रहा है।सूत्रों से मिल रही जानकारी के अनुसार पोंड के झोलाछाप डॉक्टर रोशन निर्मलकर द्वारा कार्यवाही के डर से स्वास्थ विभाग को क्लीनिक संचालन नहीं करने संबंधी शपथ पत्र पेश करने की जानकारी मिल रही है और इधर उक्त झोलाछाप डॉक्टर द्वारा लगातार शटर बंद कर घर के अंदर मरीजों का इलाज कर रहे है।मरीजों की भीड़ उसके घर के बाहर आसानी से देखा जा सकता है।इस पूरे मामले में स्वास्थ विभाग की मिलीभगत साफ झलक रहा है।विभागीय सरंक्षण के चलते आज तक इन झोलाछाप डॉक्टरों के गोरखधंधों पर लगाम नहीं लग पाया है।जिसके चलते बेखौफ और बेधड़क मरीजों का इलाज और लूट जारी है।
वर्षण:
हम लोग दो बार टीम बनाकर पोंड में कार्यवाही के लिए गए थे।लेकिन उनके बच्चे बस ही घर में थे रोशन निर्मलकर को रायपुर गए है बताए।जल्द ही टीम बनाकर कार्यवाही की जाएगी।
डॉ. ए.के.हूंमने, नोडल अधिकारी,नर्सिंग होम एक्ट गरियाबंद
