रिपोर्ट: अंकित बाला
पखांजुर। छत्तीसगढ़ राज्य के अंतिम छोर पर महाराष्ट्र सीमा से सटा 116000 हेक्टेयर में 304 गांव का समूह जो कांकेर जिले से आखरी छोर तक 200 किमी की दूरी पर है ।आप को बता दे कि छत्तीसगढ़ का इकलौता ऐसा जगह जहाँ 4 लाख की आबादी रखने वाले जगह है जिसका जिला मुख्यालय इतना दूर होगा? वही वर्षों से अपनी मांगों को लेकर कई ज्ञापन और न जाने कितने आंदोलन कर लोगो की सुविधा के लिये जिला मुख्यालय को पास पाने की राह तक रहे है, इस बार जैसे ही छत्तीसगढ़ में नए जिले की घोषणा हुई मानो लाखो लोगो की निगाहें पखांजुर को जिला देखने को तरस रही हो पर जब पखांजुर का नाम नही आया लोगो ने हिम्मत नही हारी और लगातार आंदोलन कर ज्ञापन देते हुए शासन प्रशासन का ध्यान आकर्षित करने की कोशिश किये जा रहे है, जिसपर अब स्थानीय लोगो का कहना है कि राजनैतिक दलों के मुद्दों में हमेशा क्षेत्र में विकास की बात कर बड़े बड़े वादे कर चुनाव में वोट तो ले लिया जाता है पर जब हकीकत की होती है और बात एक नही बल्कि क्षेत्र के सभी दलों के सभी समाज के सभी वर्गों की सुविधा देखते हुए मांग की जाती है तो बात सुनने वाला कोई सामने तक नही आता जिससे ग्रामीणों में काफी रोष देखने को मिल रहा है।
स्थानीय नेताओं का कहना है कि जब छोटे छोटे जगहों को जिला बनाया जा सकता है, तो पखांजुर जिला बनाने को लेकर हर मापदंडों से पूर्ण है और लाखों लोगों की सुविधा का सवाल है तो आख़िर इसपर अमल क्यो नही किया जा रहा है? इन मुद्दों को लेकर अब कांग्रेसी नेता,भाजपा नेता,आमआदमी नेता,आदिवासी नेता, महिला समिति, समाजसेवी, बंगसमाज नेता के अलावा छत्तीसगढ़ी सभी वर्ग समाज के स्थानीय लोगो द्वारा मांग को जल्द पूरी करने की रणनीति तैयार की जा रही है जिसमें प्रत्येक दिन ग्राम स्तर मीटिंग किया जा रहा है जल्द मांग पूरी करने की गुहार लेकर 40 से 50 हजार लोगों के साथ राजधानी चलने की तैयारी चल रही है।
जिसपर पूर्व विधायक रहे मंतूराम पवार का कहना है कि यहाँ क्षेत्र वीर गैदशिंग की भूमि है और हर मापदंडों के आधार पर पखांजुर जिला बनने का हक़ रखता है लाखो लोगो की सुविधाओं को देखते हुए हम सब मिलकर पखांजुर को जिला बनाने की मांग को लेकर हर कदम साथ है और आगे आंदोलन की तैयारी कर मांग को जरूर पूरा करवाने लड़ेंगे।
वही महिला नेता मायारानी सरकार के अलावा मनीषा जैसवाल,चपला देवनाथ का कहना है कि क्षेत्र से जिला मुख्यालय की दूरी बहुत ज्यादा है वही हम महिला की सुरक्षा को लेकर सवाल है जिला मुख्यालय से काम कर वापस घर लौटना तक मुश्किल होता है शासन की कई महत्वपूर्ण योजनाओं के साथ महिलाएं जुड़ी हुई है आख़िर महिलाओं की विकास के लिये जब योजनाएं है तो उसका पूरा फायदा भी स्थानीय लोगों को मिलना चाहिए, पखांजुर अगर जिला नही तो इस बार हमारा नारी शक्ति का वोट भी नही,हमारा नेता वही होगा जो पखांजुर को जिला बनाने और लाखों लोगों की सुविधा के लिये उनके साथ रह कर लड़ेगा।
पखांजुर में हुए पखांजुर जिला संघर्ष समिति के मीटिंग में पूर्व विधायक मंतूराम पवार,बप्पा गांगुली, अशीम राय, शुखरंजन उसेंडी,मिठु मल्लिक,विकाश पाल, शंकर सरकार,मायारानी सरकार, मनोज मंडल,निर्मल, ऋषिकेश मजूमदार, मनीषा जैसवाल,के अलावा सैकड़ों की संख्या में महिला पुरुष उपस्थित रहे।
