उतई।दाऊ उत्तम साव शासकीय महाविद्यालय मचांदुर में हिंदी दिवस के उपलक्ष्य में हेमचंद यादव विश्वविद्यालय दुर्ग स्तरीय निबंध लेखन प्रतियोगिता आयोजित की गई। “वर्तमान दौर में राजभाषा हिंदी के समक्ष चुनौतियाँ” विषय पर पाँच जिलों के 17 शासकीय एवं अशासकीय महाविद्यालयों के कुल 50 नियमित छात्र एवं छात्राओं के निबंध ऑनलाइन माध्यम से प्राप्त हुए। इन निबंधों का मूल्यांकन अम्बिकापुर, बलौदा बाजार एवं धमतरी जिले के शासकीय महाविद्यालय में पदस्थ हिन्दी के विद्वान प्राध्यापकों डॉ. पुनीत राय, डॉ.राजेश कुमार एवं डॉ. भुवाल सिंह ठाकुर द्वारा किया गया। प्रतियोगिता के परिणाम की घोषणा 14 सितम्बर 2021 को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर आयोजित वेब गोष्ठी में किया गया। वेब गोष्ठी के मुख्य अतिथि वक्ता डॉ. जय प्रकाश साव ने विद्यार्थी जीवन में निबंध लेखन स्पर्धाओं की आवश्यकता एवं महत्ता को बताया। उन्होंने सोशल मीडिया के बढ़ते प्रचलन से भाषा और लेखन पर पड़ रहे बुरे प्रभावों को चिन्हित किया। उन्होंने हिंदी के सर्जनात्मक भाषा दिवस मनाने की आवश्यकता पर भी बल दिया। शासकीय महाविद्यालय भाठापारा के हिंदी विभागाध्यक्ष राजेश कुमार ने हिंदी के बरक्श अंग्रेजी को प्रश्रय देने की शासकीय नीति को हिंदी के विकास में बाधक बताया। शासकीय महाविद्यालय भखारा से जुड़े डॉ. भुवाल सिंह ठाकुर ने निबंध लेखन में मौलिकता पर जोर दिया। आज इण्टरनेट या गुगल पर उपलब्ध सामग्री का पिष्टपेषण आज का सामान्य चलन है जो भाषा और विचार दोनों के लिए हानिकारक हैं। शासकीय महाविद्यालय शंकरगढ़ के प्राध्यापक पुनीत राय ने सूचना संपन्नता से ज्यादा जरुरी ज्ञान संपन्न होना बताया। महाविद्यालय की प्रभारी प्राचार्य डॉ. नीरजा रानी पाठक ने इस निबंध प्रतियोगिता और उसके बाद आयोजित गोष्ठी की सार्थकता बताते हुए सभ्यता संस्कृति एवं साहित्य के इतिहास बोध के साथ ही समय बोध को विद्यार्थियों के लिए अन्यंत आवश्यक माना। निबंध में प्रथम स्थान श्री सौरभ मिश्रा, एम.कॉम प्रथम सेमेस्टर, शासकीय महाविद्यालय वैशाली नगर, द्वितीय स्थान कु. भूमिका साहू, एम.एस.सी.-तृतीय सेमेस्टर, स्वरुपानंद कॉलेज, तृतीय स्थान कु. सुमन जोशी, बी.एस.सी.द्वितीय, शासकीय कमलादेवी राठी महाविद्यालय राजनंदगाँव एवं सान्त्वना पुरस्कार कु. नेहा निषाद, बी.ए.द्वितीय, शासकीय महाविद्यालय मचांदुर को प्राप्त हुआ। प्राचार्य ने स्व. श्री. निर्मल चंद पाठक की स्मृति में विजेताओं को क्रमशः 2100, 1500, 1100, एवं 501 रुपये यू.पी.आई. के माध्यम से हस्तांतरित किए। कार्यक्रम का संयोजन एवं संचालन डॉ. अम्बरीश त्रिपाठी ने किया। दुर्ग विश्वविद्यालय के डीन डॉ. प्रशांत श्रीवास्तव ने कार्यक्रम के आयोजन में महत्त्वपूर्ण योगदान दिया। आभार ज्ञापन प्रोफेसर एन.एस.इक्का ने किया।
दाऊ उत्तम साव शासकीय महाविद्यालय मचांदुर में हिन्दी दिवस के अवसर पर निबंध प्रतियोगिता एवं वेब गोष्ठी संपन्न
