पाटन–स्वामी विवेकानन्द विचार मंच समिति की ओर से प्रेमचंद जी के तैल चित्र पर हेमंत मढ़ रिया द्वारा माल्यार्पण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया । गोष्ठी में अपना विचार रखते हुए विवेकानंद विचार मंच के संयोजक ललित कुमार बिजौरा ने मुंशी प्रेमचंद जी को नमन करते हुए कहा कि मुंशी प्रेमचंद का जीवन अभावों एवम संघर्षों से भरा रहा , लेकिन उन्होंने हार नहीं माना और 13 वर्ष के अल्पआयु में ही लेखनी प्रारम्भ कर दी उनके द्वारा दर्जन भर से अधिक उपन्यास एवम 300 कहानियां लिखी गई जो वर्तमान समय में प्रासंगिक है। उनका साहित्य समाज सुधार और राष्ट्रीय भावनाओं से ओतप्रोत है । मुंशी प्रेमचंद उच्च कोटि के मानव थे । उनके व्यक्तित्व एवम कृतित्व को आत्मसात करने की आवश्यकता है ।कृष्ण कुमार धुरंधर ने पंच परमेश्वर व ईदगाह कहानी का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रेमचंद सामाजिक न्याय के पक्षधर थे मोहित शर्मा ने अपनी कविता के माध्यम से प्रेमचंद जी की रचना व सामाजिक योगदान का उल्लेख किया पूर्व प्राचार्य किरण बाला वर्मा ने कहा कि प्रेमचंद आम भारतीय की आत्मा में निवास करने वाले साहित्यकार थे देवेंद्र कुमार बंछोर ने कहा कि हिंदुस्तान को पढ़ना है तो प्रेमचंद को पढ़ना होगा आप ग्रामीण जनजीवन को बखूबी चित्रित करने वाले साहित्यकार थे बालमुकुंद मढ़ रिया ने कहा कि प्रेमचंद जी अभावों को सेट कर आगे बढ़े थे अतः उनके साहित्य में आम जीवन की पीड़ा है बालक अमिय मढ़ रिया ने प्रेमचंद जयंती के अवसर पर वृक्षारोपण किया समारोह में मनोज कश्यप हर्ष लता साहू आंचलमढ़ रिया सहित अन्य साहित्य प्रेमी शामिल थे समारोह का संचालन हेमंत मढ़ रिया व आभार प्रदर्शन विवेकानंद विचार मंच के संयोजक ललित कुमार बिजौरा ने किया
स्वामी विवेकानंद विचार मंच द्वारा प्रेमचंद जयंती समारोह का आयोजन ऑनलाइन किया गया
