कांग्रेसी भाई और भाजपाई भाई दोनो सगे भाई मिलकर हड़प लिए सरकारी भूमि पिछड़ी जन जाति कमार आदिवासी का जमीन पर पट्टा बनवाने वाले मास्टर माइंड फरार

लोकेश्वर सिन्हा

गरियाबन्द —जिले के मैनपुर ब्लाक में राजनीतिक रसूक दिखा कर गरीब आदिवासियों के भूमि को हड़पने और धोखाधड़ी कर सरकार से वनवासी पट्टा पाकर, घर के भाई व भाभी के नाम से अवैध पट्टा बनाकर सरकार सहित प्रशासन को चुना लगाते हुए कई लाखो का धान बेच कर लाखो का बोनस हर वर्ष प्राप्त कर रहे थे। कई एकड़ भूमि होने के बाद भी भूमि की भूख मिट नही रही है। इनके कार्यगुज़रियो के सामने आने के बाद स्थानीय प्रशासन भी सवालों के घेरे में है। वही जिला प्रशासन के सक्रियता के चलते मामले का पटाक्षेप हुआ। आरोपी अब तक फरार बताए जा रहे है।
उल्लेखनीय है कि स्थानीय भाजपा नेता व महामंत्री दिलीप साहू पिछड़ी जनजाति कमार आदिवासियों के हक की भूमि पर कब्जा कर फर्जी पट्टा बनवा कर तमाम सरकारी लाभ लेता रहा। इस मामले का नेता जी के भाई मास्टरमाइंड दिलीप साहू निवासी हरदीभाठा, मैनपुर फरार बताया जा रहा है।
आपको बता दे कि कमार आदिवासियों का 30 एकड़ जमीन को अपने भैया महेंद्र साहू भाभी संध्या साहू व अपनी पत्नी भूमिका साहू के नाम करवा लिया।
भाजपा नेता व उसका भाई कांग्रेस नेता के खिलाफ मैनपुर थाने में धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया है। जानकारी के अनुसार मैनपुर थाने में 2 जनवरी को पुलिस ने भाजपा नेता महामंत्री दिलीप साहू की पत्नी भूमिका साहू भाभी संध्या साहू व बड़े भाई कांग्रेस नेता महेंद्र साहू सहित पटवारी के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया था। वही मैनपुर तहसीलदार के प्रतिवेदन आधार पर मामले में दोषियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 420, 467, 468, 471,34 के तहत मामला पंजीबद्ध किया है।
भाजपा शासनकाल में भाजपा के स्थानीय महामंत्री दिलीप साहू ने राजस्व अमला से सांठगांठ कर ग्राम छोटेगोबरा व छिन्दोला के 30 एकड़ जमीन को फर्जी तरीके से 10,10 एकड़ अपने व अपने परिवार का नाम करवा लिया है। प्रतिवेदन में यह भी कहा गया है। कि आदिवासी कमार के जिन 8 परिवार द्वारा काबिज की गई जमीन को कूटरचना कर नेता परिवार ने अपने नाम से करवा लिया। उक्त जमीन उन गरीब परिवार का जीवकोपार्जन का एक मात्र साधन था।
बोगस रकबे से आरोपियों ने पीएम निधि राशि के अलावा सरकार के ऋण योजना का जम कर लाभ उठाया है।
इस सम्बंध में थाना प्रभारी मैनपुर सतेंद्र श्याम ने बताया की आरोपीयो की सघन खोज की जा रही है। तमाम सम्भावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। आरोपी के हिरासत में आने के बाद कथन उपरांत और भी आरोपी बनाए जा सकते है।

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