देवरी बंगला से केशव शर्मा की रिपोर्ट
तीन बच्चों को लेकर भटक रही महिला, मंदिर में काटी रात
डौण्डीलोहारा विकासखण्ड के जेवरतला (रोङ) का मामला, महिला बुधवार देर शाम अपने पति के बगैर तीन बच्चो के साथ पहुंची गाव
देवरीबंगला / 22 साल पहले जेवरतला (रोड) मे रह रहे दो परिवार के युवक व युवती एक दूसरे से प्यार के चलते गांव छोड़ चले गए थे। परदेश मे शादी कर 22 वर्षों तक साथ रहे । बुधवार को देर रात गांव पहुंची महिला अपने तीन बच्चो के साथ ससुराल व मायके पक्ष के नाराजगी का शिकार हो गई। ससुराल वालों ने रखने से इंकार कर दिया। महिला अपने तीन बच्चो के साथ गांव के मंदिर में रात काटने मजबूर हुई। ग्रामीणों के अनुसार महिला का पति आदिवासी समाज से तथा महिला महार समाज (sc) से है। जिनका परिवार आज भी गांव में रहता है। अंतरजाति विवाह के कारण घर से बाहर गई महिला व बच्चो को दोनों परिवार के द्वारा आने के बाद सहारा नही दिया।
पंचायत प्रतिनिधियों से बातचीत करने पर पता चला कि महिला व उसके पति के परिवार वाले दोनों सम्भ्रांत परिवार से है। 22 वर्षों के बाद महिला के अपने तीनो बच्चो को साथ लेकर पति के बिना आने से कुछ स्थिति साफ नही होने का मामला सामने आ रहा है।जिससे महिला के पति के परिवारजन भी इस बात को कह रहे कि हमारे परिवार का लड़का (याने महिला का पति) के आने के बाद ही यह साफ होगा कि महिला व बच्चे इस परिवार के सदस्य है। क्योंकि घर से 22 वर्ष पूर्व बाहर जाने के बाद महिला आज पति के बगैर आई है। और सिर्फ बच्चे ही साथ है। अंदरूनी खबरो की माने तो गांव में आई महिला ने अपने पति के साथ नही आने का कारण अभी तक नही बताया है।
पंचायत के प्रतिनिधियों ने दिया मानवता का परिचय :- ग्राम पंचायत जेवरतला के कुछ प्रतिनिधियों को जब इस मामले की जानकारी मिली तो उन्होंने बरसते बारिश व रात को खुले प्रांगड़ में रह रही महिला को तीनों बच्चो के साथ गांव के ही सामुदायिक भवन में देर रात रहने की तात्कालिक व्यवस्था की।
महिला अपने तीन बच्चो के साथ गांव में आई है। जिनकी 2 बेटियां व एक पुत्र शामिल है। समाचार लिखे जाने तक महिला व बच्चे गांव के भवन में ही सहारा पाए हुए है।
