पेगासस मामले की जांच और देश की जनता को सच बताने से क्यों घबरा रही है केंद्र सरकार : राजेंद्र साहू

  • देश चलाने में नाकाम रही केंद्र सरकार पेगासस मामले को उठाने वाले विपक्ष पर झूठे आरोप लगा रही
  • देश की जांच एजेंसियां क्या सिर्फ विपक्षी नेताओं को परेशान करेगी? जांच क्यों नहीं करती एजेंसियां

दुर्ग। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महामंत्री राजेंद्र साहू ने पेगासस मामले में केंद्र सरकार के रवैये पर गंभीर सवाल उठाए हैं। राजेंद्र ने कहा कि केंद्र सरकार इस मामले की जांच कराने और जनता को सच बताने से कतरा रही है। विडंबना ये है कि केंद्र सरकार इस मामले को उठाने वाले विपक्षी नेताओं पर ही सवाल उठा रही है। विपक्ष पर झूठे आरोप लगाए जा रहे हैं। राजेंद्र ने सवाल किया कि अगर विपक्ष झूठे आरोप लगा रही है तो केंद्र की भाजपा सरकार जांच से क्यों घबरा रही है।
राजेंद्र ने कहा कि वर्तमान केंद्र सरकार के कार्यकाल में क्या जांच एजेंसियां विपक्षी नेताओं और उनके परिवारजनों के साथ व्यापारियों को परेशान करने के लिये ही काम करती हैं। असल बात ये है कि भाजपा की केंद्र सरकार पिछले सात साल के कार्यकाल में देश चलाने में पूरी तरह विफल रही। जीएसटी, नोटबंदी, किसानों की आय दोगुना करने, हर साल दो करोड़ लोगों को रोजगार, महंगाई जैसे मुद्दों पर मोदी सरकार पूरी तरह नाकाम रही।
राजेंद्र ने कहा कि हर साल दो करोड़ लोगों को रोजगार नहीं दिया गया बल्कि सात साल में रोजगार हासिल कर चुके करोड़ों लोग बेरोजगार हो गए। रोजगार की मांग करने पर बेरोजगारों के विरोध को प्रायोजित कार्यक्रम कहते हुए अपमानित किया जा रहा है। महंगाई के मुद्दे पर भी केंद्र सरकार पूरी तरह विफल रही। पेट्रोल-डीजल, रसोई गैस सहित सभी खाद्य पदार्थों की कीमतें आसमान छू रही हैं।
केंद्र द्वारा लाए गए तीन कृषि कानून से किसानों को आज तक किसी प्रकार का लाभ नहीं मिला। देश भर में कृषि कानून के खिलाफ किसानों का आंदोलन चल रहा है। किसानों की बात सुनने की बजाय केंद्र सरकार व भाजपा नेताओं द्वारा किसानों को आंदोलनजीवी, देश विरोधी और मवाली कहकर अपमानित किया जा रहा है।
राजेंद्र ने कहा कि सभी मामलों में विफल रही केंद्र सरकार विपक्षियों पर मनगढ़ंत आरोप लगा रही है। सवाल ये है कि पेगासस मामले की जांच कराने से भाजपा की केंद्र सरकार क्यों कतरा रही है। अगर सरकार इस मामले में पाक साफ है तो पेगासस द्वारा की गई फोन टेपिंग की जांच क्यों नहीं करा रही। दोषी कंपनी और व्यक्तियों पर कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही। बेहतर होगा कि केंद्र सरकार विपक्ष के नेताओं पर ऊलजलूल आरोप लगाना छोड़कर मामले की निष्पक्ष जांच कराए।

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