कुरूद नगर पंचायत अध्यक्ष व कांग्रेस नेता अवैध रेत के कारोबार में संलिप्त…नियमों को ताक में रखकर कर रहे है दबंगई पूर्ण रेत की खुदाई

रिपोर्टर-परमेश्वर कुमार साहु

धमतरी।तपन चंद्राकर वो नाम है जो जिम्मेदार पद पर बैठकर सारे नियमो की धज्जियां उड़ाते हुए सारे नियम कानून के विपरीत रेत के अवैध कारोबार में संलिप्त है।हम बात कर रहे है धमतरी जिले के कुरूद नगर पंचायत अध्यक्ष तपन चंद्राकर की, जो वर्तमान में कुरूद नगर पंचायत के अध्यक्ष के साथ साथ कांग्रेस के नेता भी है।जो सत्ता की आड़ में और जिम्मेदार पद पर बैठकर मगरलोड ब्लाॅक के कुल्हाड़ीकोट और सिरसिदा के नदियों के रेत घाट में प्रतिबंध के बावजूद भी अवैध खुदाई कर एनजिटी की नियमो की खुलेआम धज्जियां उड़ा कर सारे कानून कायदों का मौखौल बना रहे है।तो वहीं मापदंडों के विपरीत रेत का भंडारण कर एनजिटी के सारे नियमो को खुलेआम ठेंगा दिखा रहे है।इन दोनों स्थानों पर तपन चंद्राकर द्वारा मानकों के विरूद्ध अत्यधिक मात्रा में रेत का भंडारण किए है तो दूसरी ओर रेत भंडारण के एक भी निर्देशों का पालन नहीं किया गया है। जिसे बरसात के सीजन में ऊंचे दामों पर खपा कर रेत की कालाबजरी करने की तपन चंद्राकर की खूब तैयारी है।

मगरलोड ब्लाॅक के सिरसिदा और कुलाहड़ीकोट में नियमो के विपरीत बड़े पैमाने पर रेत का भंडारण किया गया है और न ही भंडारण के लिए तय दिशा निर्देशों का पालन नहीं किया जा रहा है।तो दूसरी ओर इन दोनों रेत घाटों में सीधे नदी से चैन माउंटेन से खुदाई कर रेत को चोरी कर रोज सैकड़ों ट्रीप हाईवा में लोड कर बेचा जा रहा है।जिससे राएल्टी चोरी होने से सरकार को लाखो करोड़ों का राजस्व की हानी पहुंच रहा है। तपन चंद्राकर खनिज विभाग के साथ मिलीभगत कर सारे नियमो को ताक में रखकर बेधड़क चैन माउंटेन से लगातार नदी का सीना छलनी कर रहा है।
वैध की आड़ में अवैध रूप से रेत खनन का कारोबार धमतरी जिला प्रशासन के देखरेख में लगातार जारी है।खनिज विभाग की सह पर खनन माफियाओं का कारोबार खूब फल फूल रहा है।कांग्रेस के जिम्मेदार कार्यकर्ता ही भूपेश सरकार को पलीता लगाने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे है जिससे सरकार की जमकर किरकिरी हो रही हैं।इस पूरे मामले में कांग्रेस के वर्तमान अध्यक्ष और पूर्व अध्यक्ष सहित कांग्रेस के नेताओं की मिलीभगत की बात सामने आ रही है ।जिसके कारण रेत के अवैध कार्य पर धमतरी कलेक्टर भी मौन साधे हुए है।

गौरतलब हो कि नई सरकार के गठन बाद ग्राम पंचायतों से खदान संचालन जारी करने की शक्ति वापस लिए जाने के बाद छत्तीसगढ़ गौण खनिज नियम के अंतर्गत इलेक्ट्रानिक निविदा के माध्यम से उत्खनन पट्टा आबंटित किया गया है। छत्तीसगढ़ की प्रदेश सरकार एक ओर रेत खदानों में अवैध खनन रोकने नियमानुसार नीलामी के माध्यम से रेत खदानों का आबंटन कर रही है। दूसरी ओर जिले के सिरसीदा , कुलहाड़ीघाट, कपालफोडी खदान में चैनमाउंटेन मशीनों से दिन रात अवैध रूप से रेत खनन का कार्य किया जा रहा है।जबकि नियमनुसार अभी नदी से रेत की खुदाई पूर्ण रूप से खनन व परिवहन पूर्ण रूप से बंद होना चाहिए।इस रेत खुदाई में तपन चंद्राकर जो कांग्रेस के नेता है जो प्रदेश में अपनी ही सरकार होने का खूब फायदा उठा रहे है और दबंगई पूर्ण अवैध रूप से रेत की खुदाई करने पर उतारू हो गए है।वहीं सूत्रों से जानकारी ये भी मिल रही है कि रेत के इस अवैध धंधे में कांग्रेस के वर्तमान और पूर्व जिलाध्यक्ष भी संलिप्त है। कांग्रेस के जिम्मेदार पद बैठे नेताओं की रेत के अवैध कारोबार में संलिप्तता के चलते भूपेश सरकार की साख दांव पर है और उनकी किरकिरी हो रही है

बता दे कि भारत सरकार वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय की नोटिफिकेशन एवं इसमे किए गए संशोधनों के अनुसार रेत खदानों में खदान संचालन के लिए दी गई पर्यावरणीय अनापत्ति में यह शर्त होती है कि, रेत का खनन मानव श्रम से किया जाए जिसमे मशीनों से रेत उत्खनन पर पूर्णतः प्रतिबंध है। रेत उत्खनन में ठेकेदार राष्ट्रीय हरित न्यायालय एनजीटी के आदेश की बेखौफ धज्जिायां उड़ा रहा है

मशीनों से रेत उत्खनन पर पूर्णतः प्रतिबंध होने के बावजूद जिले के रेत खदान में एनजीटी के नियमो की खुलेआम धज्जिायां उड़ाई जा रही है। ठेकेदार के द्वारा चैन माउंटेन मशीनों से रेत उत्खनन किया जा रहा है। ठेकेदार का चैन माउंटेन मशीन बेखौफ नदीयो का सीना छलनी कर रहा है। रेत खदान संचालनकर्ता को खनिज रेत का मूल्य एवं अन्य प्रभारित करों को खदान क्षेत्र में आम जनता के लिये प्रदर्शित करना भी अनिवार्य है लेकिन जिले के कोई भी रेत खदान में वर्तमान व्यवस्था को दरकिनार किया जा रहा है।

प्रदेश की सरकार नई व्यवस्था से नदियों एवं जल स्रोतों के पर्यावरणीय दृष्टिकोण से संरक्षण के साथ ही उपभोक्ताओं को सुगमता से उचित मूल्य पर रेत उपलब्ध कराना चाहती है पर उदासीन खनिज विभाग व ठेकेदार की मनमानी से पर्यावरणीय नुकसान हो रहा और रेत की कीमतें आसमान भी छू रही है।

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