श्री राम की संस्कृति और उनके आदर्श चरित्र राम दर्शन( विचार) भूपेश बघेल सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता-अश्वनी साहू


राम देश का अधिष्ठान है
राम धर्म की पहचान हैll
राम विजय के मंत्र महान
राम देश की गौरव गरिमा
राम हमारे जीवन धन
राम देश का सम्मान हैll

छत्तीसगढ़ शासन के मुखिया भूपेश बघेल छत्तीसगढ़ के मानस मंडली को सम्मान वह तोहफा देने जा रही हैl आपको स्मरण दिला दें मुख्यमंत्री बनने के पश्चात पाटन विधानसभा क्षेत्र के ग्राम महुदा में जिला स्तरीय तुलसी जयंती का आयोजन किया गया था। जिसमें छत्तीसगढ़ के मानस मंडली को सम्मान देने और उनकी प्रतिभा को आगे बढ़ाने के लिए आर्थिक रूप से मदद करने के लिए अपने विचार रखे थे ।कोरोना संक्रमण के कारण देर ही सही पर राम की संस्कृति और उनके आदर्श चरित्र को नई पीढ़ी को जनाने के लिए ग्राम स्तर ब्लॉक स्तर जिला स्तर और प्रदेश स्तर पर मानस मंच की प्रतियोगिता आयोजित कर पूरे छत्तीसगढ़ में राम मय वातावरण कार्य योजना तैयार हो रही है ।चुकि-
राम हमारे प्रेरणा है, राम हमारे प्राण हैं, राम हमारे आदर्श ,राम कीर्ति है राम हमारे जीवन धन है ,राम संस्कार है, रामविचार है ,राम मर्यादा है, राम महामंत्र है ,अनेकों नामों से याद किए जा सकते हैं।
रामराज्य की कल्पना सभी लोग करते हैं, राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने भी रामराज्य की कल्पना की थी, वास्तव में रामराज्य बिना भय ,भूख ,लालच मान्यताओं की अभिव्यक्ति ,अपने- अपने स्व-धर्म का पालन और न कोई अकाल मृत्यु हो।
फूलहि- फरहि सदा तरु कानन।
रहहि एक संग गज पंचानन।।

और शायद इसी मान्यता और विचार को लेकर वर्तमान में छत्तीसगढ़ की सरकार राम की संस्कृति और उनके आदर्श विचार को आगे बढ़ाने के लिए राम वन गमन पथ को पर्यटन के द्रिष्टि से विकास करने का संकल्प लेकर स्थल चिन्हित कर कार्य प्रारंभ कर दिए हैं।
प्रभु श्री राम की माता कौशिल्या इसी छत्तीसगढ़ की बेटी हैं,ग्राम चंदखुरी में माता कौशल्या के मंदिर को जीर्णोद्धार कर एक नया रूप दीया है।
इसके विपरीत छत्तीसगढ़ में पिछले 15 वर्षों तक शासन करने वाली भाजपा की सरकार केवल और केवल राम का नाम लेकर सत्ता प्राप्त करती रही,और झूठी वहवाई बटोरने का काम किया जमीन पर एक भी काम नहीं दिखा।
रमन राज में भूख,भय,दमन किसानों की आत्महत्या ,युवतियों का अपहरण बड़े-बड़े कांड होते रहे धर्म की आड़ में संप्रदायिक सद्भावना के बजाय दुर्भावना बढ़ाने का काम किया धर्म से धर्म को लड़ाना जाति से जाति को लड़ाने का काम यही सब होता रहा और अपने आप को राम भक्त कहने का स्वयं में प्रमाण पत्र देता रहा ।कभी राम मंदिर के नाम पर चंदा उगाही करते देखा गया पर राम के माता कौशल्या के मंदिर की तरफ कभी ध्यान नहीं गया ,राम को वोट देने का मशीन और सत्ता प्राप्ती का माध्यम माना गया इसलिए छत्तीसगढ़ विधानसभा में सदस्य संख्या इनकी 14 हो गई।
अंगद रावण संवाद प्रसंग में 14 लोगों को जीते जी मुर्दा के समान माना गया है-
कौल, काम,बस,कृपिन,विमुढा ।
अति-दरिद्र,अजसी ,अति बूढ़ा ।।
सदा रोग बस, संतत क्रोधी ।
विष्णु वीमुख,श्रुति संत विरोधी।।
तनु पोषक,निंदक अघ,खानी ।
जीवत सव सम चौदह प्राणी ।।

ठीक ऐसे ही स्थिति छत्तीसगढ़ में भाजपा की है ,सत्ता सुख आलस्य एवं प्रमाद में 15 वर्षों तक राज करने वाली भाजपा ने हमारी संस्कृति और विचारों को बहुत नुकसान पहुंचाया है भाजपा सरकार में परदेसियों के हाथ सत्ता की चाबी हुआ करती थी।
लेकिन अब ऐसा नहीं होगा क्योंकि अब
भूपेश है ,तो भरोसा है
क्योंकि कहा जाता है की भगवान श्री राम की वन गमन की यात्रा मानो भिन्न-भिन्न संस्कृति ,मत और विचारों को जोड़ने की यात्रा भी है वैसे ही दो हजार अट्ठारह के पूर्व भूपेश बघेल ने कांग्रेस अध्यक्ष के नाते पूरे प्रदेश में पदयात्रा कर महात्मा गांधी के राम और शबरी के राम दीन दुखियों के राम के विचारधारा में छत्तीसगढ़ के लोगों को एकता के सूत्र में बांधकर छत्तीसगढ़ की फिजा को बदल दिया। और भाजपा सरकार को सत्ता से बाहर कर बता दिया की राम का नाम लेकर सत्ता में रहने का कोई हक नहीं है। और कहा भी जाता है राम नाम सत्य है क्योंकि राम का नाम शिव वाक्य है——-
महामंत्र सोई जपत महेसु ।
छत्तीसगढ़ में तीज त्यौहार एवं संस्कृति को आगे बढ़ाने की दिशा में काम दिख रहा है छत्तीसगढ़ के गांव-गांव में मानस मंडली है और गांव गांव में मानस की प्रतियोगिता का आयोजन भी होता है अखंड रामायण, नवधा रामायण यह सब छत्तीसगढ़ की धरोहर है ।इसलिए छत्तीसगढ़ सरकार ने भी मानस मंडली को प्रोत्साहित करते हुए आर्थिक सहयोग और पुनर्स्थापना का काम करने का घोषणा किया है। मानस मंडली के सभी साथियों को इस अवसर पर बधाई प्रेषित है और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री माननीय भूपेश बघेल जी को सादर साधुवाद!
जैसे राम ने शबरी की सुधि ली, राम ने गीत राज जटायु की सुधि ली, राम ने आर्त जनों की पुकार सुनी ठीक वैसे ही भूपेश बघेल ने मानस मंडली के साथियों का सम्मान बढ़ाया बल्कि बड़े स्तर में आयोजन की घोषणा कर मानस मंडली की लोगो की सुधि ली है।
जय सियाराम, जय हनुमान

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