गृहमंत्री के क्षेत्र में अनूठा स्कूल जिसका कार्यालय लगता है पोल्ट्री फार्म में…स्कूल के गेट में कई महीनों से लटक रहा है ताला… पालक बच्चो की भविष्य को लेकर चिंतिंत

रिपोर्टर-रोशन सिंह बम्भोले


उतई। दुर्ग ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र के एक मात्र नगर पंचायत उतई में एक अनूठा निजी स्कूल संचालित है जिसकी स्कूल भवन के गेट में हमेशा ताला लटका हुआ मिलेगा। पालकों को किसी काम के लिये जाना होता है तो प्राचार्य को फोन करने पर उतई स्थित एक बन्द हो चुके पोल्ट्री फार्म में मिलते है।
गौतरलब हो कि नगर पंचायत क्षेत्र में पिछले शैक्षणिक सत्र में निजी स्कूलों द्वारा फीस को लेकर किये जा रहे मनमानी को लेकर पालकों ने अन्य निजी स्कूलों में जमकर प्रदर्शन भी किये थे। जिसके बाद कुछ स्कूलों में प्रबंधन द्वारा पालकों को फीस में छूट भी दिया गया है।
उतई नगर स्थित सुधा मेमोरियल स्कूल के पालकों ने news24carate. com से चर्चा करते हुए बताया कि इस स्कूल में पालकों को ICSE बोर्ड के नाम पर जमकर लूट मचाया जा रहा है। प्रिंसिपल से बोर्ड के संबंध में बात किये जाने पर उनके द्वारा पालकों से सीधे मुंह बात ही नही किया जाता बल्कि जो करना है जहां जाकर शिकायत करना कर सकते हो कहा जाता है। बोर्ड के सम्बंध में जिला शिक्षा अधिकारी एवं विकासखण्ड शिक्षा से चर्चा करने पर ICSE बौर्ड की मान्यता के बारे में जानकारी नही होने की बात कही।

यहां पर लगता है स्कूल का कार्यालय

स्कूल बंद था तो गेट के पास आवेदन छोड़ देना था….

हमारे संवाददाता को पालकों ने बतलाया कि पिछले सत्र में इस स्कूल में मात्र 3 महीने ही ऑनलाइन पढ़ाई करवाया गया है। जिन पालकों ने कोरोना संक्रमण के दौर में आर्थिक स्थिति ठीक नही होने पर फीस जमा नही किये उनको ऑनलाइन पढ़ाई ही नही करवाया गया। स्कूल में।हमेशा ताला लटके हुए पाए जाने पर बच्चों की पढ़ाई को लेकर चिंतित पालकों ने जब स्थनान्तरण प्रमाण पत्र लेने प्राचार्य को उनके मोबाइल पर सम्पर्क किये तब वे पास के एक पोल्ट्री फार्म में मिले। पालकों ने जब प्राचार्य से आवेदन कहां देना है कहा तो उनका जवाब मिला कि स्कूल के गेट के नीचे पत्थर में दबाकर आवेदन छोड़ देना था।

पालकों ने प्राचार्य से फीस में छूट देने की मांग किया

सुधा मेमोरियल उतई के पालकों ने प्राचार्य से उनके पोल्ट्री फार्म में मिलकर पिछले सत्र में ऑनलाइन पढ़ाई नही कराए जाने पर ट्यूशन फीस में छूट देने की मांग किये लेकिन प्राचार्य द्वारा किसी प्रकार की छूट नही दिए जाने की बात कहा गया। गौरतलब हो कि इस शैक्षिणिक सत्र में अभी तक ऑनलाइन पढ़ाई शुरू नही किया गया है उसके बाद भी इस सत्र का भी फीस मांगी जा रही है।

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