✍? रिपोर्टर विक्रम कुमार नागेश
मैनपुर। एक तरफ जहाँ प्रशासन पर्यावरण संरक्षण की बात करती है तो दूसरी ओर गरियाबंद जिला के मैनपुर ब्लाक के गाँवो में सडक ठेकेदार एनजीटी नियमो को ताक में रख अपना डामर प्लांट चला रहे है। डामर प्लांट के पहले पर्यावरण संरक्षण के लिये ना तो पौधे लगाये गये ना आबादी क्षेत्र का ध्यान रखा गया और ना ही ग्राम पंचायत से इसे स्थापित करने की एन ओ सी ली गयी है।करीबन पाँच छह साल से डामर प्लांट चलाने वाले ठेकेदार अपने फायदे के लिये लोगो को बीमार बना रहा है अधिकारी को इसकी जानकारी है पर कभी इस पर रोक नही लगा सकी। तारकोल को आग में तपाने के दौरान सल्फर डाई आक्साइड और कार्बन मोनो आक्साइड से आसपास के लोगो को बीमारी का खतरा बढ गया है वही प्लांट में काम करने वाले कर्मचारी बगैर मास्क के काम कर रहे है जिससे कर्मचारियों के स्वास्थ्य के साथ भी खिलवाड हो रहा है। तेतलखुंटी ,बजाडी और मुख्य मार्ग में चल रहे डामर प्लांट में एनजीटी नियमो में भारी कमी देखी गयी है।
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ग्राम पंचायत बजाड़ी सचिव का कहना है ठेकेदार ने वर्ष 2017 को एक वर्ष के लिये पंचायत से अनुमति ली थी पर समय अवधि पूरा होने के बाद भी बिना पंचायत के एन ओसी के प्लांट चल रहा है। वही ग्रामीण पंचायत के बगैर परमिशन और एजीटी नियमो को ताक में रख कर चला रहे डामर प्लांट के खिलाफ प्रदुषण नियंत्रण बोर्ड से शिकायत करेंगे।
