जल संसाधन विभाग के कार्यपालन अभियंता गरियाबंद और ठेकेदार के पार्टनरशिप में चल रहा है गुणवत्ता विहीन कार्य… प्रीतम सिन्हा भाजपा नेता गरियाबंद

पैरी नहर परियोजना में नहर लाइनींग कार्य में भारी भ्रष्टाचार….
मुख्य अभियंता महानदी गोदावरी बेसिन का दौरा मात्र औपचारिकता…
लोकेश्वर सिन्हा गरियबन्द

गरियाबंद जिला में पिछलेे कई माह से जल संसाधनन विभाग द्वारा 44 करोड़ की लागत से दायीं मुख्य नहर, फिंगेश्वर डिस्ट्रिब्यूटरी सीसी लाइनिंग एवं मरम्मत निर्माण कार्य जारी है इसके बावजूद जल संसाधन विभाग के कर्मचारियों और अधिकारियों ने ठेकेदारों को खुली छूट दे रखी जिस कारण कार्य में गुणवत्ता का कोई अता पता नहीं। प्रशासन अपनी नींद से जागा नहीं है, और तमाम नियम कायदों को ताक में रखकर ठेकेदार धड़ल्ले से अपना कार्य कर रहे हैं तथा विभागीय कर्मचारी और अधिकारी कुम्भकर्णी में नींद में सोये हुवे है। प्रीतम सिन्हा ने बताया कि जल संसाधन संभाग गरियाबंद के द्वारा करोड़ों रूपये खर्च करके किसानों को जल्द से जल्द जलाशय का पानी उनके खेतों तक पहुँचे इसलिए नहर में लाइनिंग का कार्य करवाया जा रहा है कि विभागीय उदासीनता और अधिकारियों के सांठ गांठ और ठेकेदार के अधिक से अधिक पैसे कमाने की लालच में यह कार्य पूर्ण रूप से भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ता हुआ नजर आ रहा है। इस कार्य में ना ही ढंग से सी.एन.एस. कांपेक्सन हुआ है और ना ही तराई कराया गया, ना ही ड्रेन और फोरस ब्लॉक निर्माण किया गया है, सीमेंट, रेत और गिट्टी की मात्रा भी मनमर्जी डाला गया है और ना ही पेवर मशीन, बायब्रेटर से कार्य कराया गया है। ढलाई का मोटाई 3 इंच होना चाहिए मगर वहां ढलाई के नीचे लगने वाला त्रिपाल दिख रहा हैं। मजदूरों के द्वारा हाथ से ही कराया गया है। इस प्रकार जिले के पांडुका, राजिम एवं फिंगेश्वर अनुविभाग नहर लाइनिंग कार्य जोरों से चल रहा है। जहाँ नियम को ताक में रखकर जैसे तैसे कार्य को अंजाम देकर ठेकेदार बारिश के पूर्व करने के फिराक में है। जहाँ गुणवत्ता को लेकर कोई नियम कानून दिखाई नहीं दे रहेे हैं विभाग के आला अधिकारी कुंभकरण निद्रा में चले गए हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *