राजनादगांव –रिलायंस फाउंडेशन एवं कृषि विभाग राजनांदगांव के द्वारा एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया जिसमें राजनांदगांव डोंगरगढ़ और डोंगरगांव ब्लॉक के 350 किसानो को छत्तीसगढ़ शासन के द्वारा चलाए जा रहे राजीव गांधी किसान न्याय योजना अंतर्गत दिए जाने वाले लाभ की जानकारी दी गई.
इस कार्यक्रम में उप संचालक कृषि श्री जीएस धुर्वे, कृषि विभाग से ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी श्री लोकेश साहू, रिलायंस फाउंडेशन के टीम लीडर देवेंद्र पटेल एवं रिलायंस फाउंडेशन इनफॉरमेशन सर्विस से श्री मिथलेश साहू उपस्थित है.
डिजिटल प्लेटफॉर्म पर आयोजित की गई इस कार्यशाला में किसानों ने कृषि विभाग के द्वारा राजीव गांधी किसान या योजना के अंतर्गत दिए जाने वाले लाभों की जानकारी प्राप्त की
कृषि विभाग की तरफ से श्री लोकेश साहू ने जानकारी के विभिन्न तथ्यों को किसानों को सरल भाषा में समझाया.
उन्होंने कहा कि यह योजना छत्तीसगढ़ सरकार ने पिछले वर्ष शुरू की है, इसकी पूर्ण जानकारी देते हुए कहा कि खरीफ 2021 से धान के साथ खरीफ फसल की प्रमुख फसल मक्का, कोदो, कुटकी, सोयाबीन, अरहर तथा गन्ना उत्पादक कृषकों को प्रतिवर्ष ₹9000 प्रति एकड़ की अदान सहायता प्रदान की जाएगी.
वर्ष 2020-21 में जिस रकबे से किसान के द्वारा न्यूनतम समर्थन मूल्य पर धान विक्रय किया गया था यदि वह धान के बदले कोदो कुटकी, गन्ना, अरहर, मक्का, सोयाबीन, दलहन, तिलहन, सुगंधित धान, अन्य फोर्टीफाइड धान, केला, पपीता, अथवा वृक्षारोपण करते हैं तो उसे प्रतिवर्ष ₹10,000 आदान सहायता प्रदान की जाएगी. वृक्षारोपण करने वाले कृषकों को 3 वर्षों तक आदान की सहायता प्रदान की जाएगी.
हितग्राहियों की पात्रता
श्री लोकेश साहू ने हितग्राहियों की पात्रता हेतु बताया कि समस्त श्रेणी के भूमिस्वामी एवं वन पट्टा धारी कृषक योजना का लाभ प्राप्त करने हेतु पात्र होंगे. इस योजना के अंतर्गत रेगहा/बटाईदार/ समेमम कृषक योजना के अंतर्गत पात्र नहीं होंगे.
कृषक को आदान सहायता राशि प्राप्त करने हेतु आवेदन पत्र के साथ राजीव गांधी किसान न्याय योजना पोर्टल पर पंजीयन कराना अनिवार्य होगा. योजना अंतर्गत सम्मिलित फसलों पर ही आदान सहायता देय होगा.
इस योजना का लाभ लेने के लिए कृषकों का पंजीयन 1 जून 2021 से 30 सितंबर 2021 तक करा सकते हैं.
इनके लिए आवश्यक दस्तावेज बी-1, आधार नंबर, बैंक पासबुक की फोटोकॉपी व भरा हुआ निर्धारित प्रपत्र की आवश्यकता पड़ेगी.
पंजीयन की प्रक्रिया
कृषक को ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी के प्रारंभिक सत्यापन के बाद आवश्यक दस्तावेज के साथ पूर्ण रूप से भरे हुए फॉर्म संबंधित प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति में निर्धारित समय सीमा के भीतर जमा करना होगा संयुक्त खातेदार कृषकों का पंजीयन नंबरदार नाम से किया जाएगा इस हेतु संबंधित कृषकों को आवेदन पत्र के साथ समस्त खाताधारक की सहमति से शपथ पत्र तथा अन्य आवश्यक अभिलेख प्रस्तुत करना होगा. आदान सहायता राशि पंजीकृत कृषक नंबरदार के खाते में ही अंतरित की जाएगी.
रकबा संकलन एवं रकबा निर्धारण
योजना अंतर्गत सम्मिलित फसल के रकबा निर्धारण हेतु भुइयां पोर्टल में संधारित गिरदावरी के आंकड़ों को ही अधिकृत रूप से उपयोग किया जाएगा.
इस योजना अंतर्गत सम्मिलित सभी फसलों का कृषकवार खसरावार बोए गए फसल के क्षेत्र की जानकारी राजस्व विभाग द्वारा गिरदावरी के माध्यम से की जाएगी.
राजस्व रिकॉर्ड की में दर्ज रकबा एवं किसान द्वारा बोर्ड के वास्तविक रकबे में भिन्नता पाए जाने पर संबंधित अधिकारी तथा पर्यवेक्षण करने वाले हमलों की जवाबदेही तय कर नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी.
श्री लोकेश जी ने बताया कि किसानों को इस योजना के लाभ लेने हेतु क्षेत्र की अधिकतम सीमा निर्धारित नहीं है किसान चाहे तो जितने भी एकड़ में इस योजना का लाभ हेतु आवेदन कर सकता है.
इस कार्यक्रम में विभिन्न गांव से कृषकों ने अपने प्रश्न पूछे नागेश्वर साहू ग्राम किर्गी, भरत साहू ग्राम बोदेला, रीता वर्मा ग्राम बांसुला, बसंत वर्मा ग्राम रेंगा कठेरा, सावलिया वर्मा ग्राम बुंदेली कला, किसानों ने अपने महत्वपूर्ण प्रश्न पूछ कर इस योजना अंतर्गत जानकारी प्राप्त की
रिलायंस फाउंडेशन के टीम लीडर देवेंद्र पटेल ने एक सवाल के प्रश्नोत्तर में रिलायंस फाउंडेशन का सहयोग कृषि विभाग के समस्त योजनाओं के प्रति जताते हुए कहा कि रिलायंस फाउंडेशन और हमारे टीम आपके सहयोग के लिए सदैव तत्पर है हम कृषकों इस योजना को पहुंचाने में हम मदद करें और प्रयास करेंगे कि इस योजना का लाभ अधिकतम किसान ले सकें.
इस कार्यक्रम में रिलायंस फाउंडेशन से अशोक मिश्रा बालकिशन जी एवं फील्ड स्टाफ तेजस्वी वर्मा ग्राम बांसुला, हेमंत कुमार सिन्हा ग्राम खुड़मुड़ी, गोपाल दास साहू ग्राम पेटेश्री का विशेष योगदान रहा.
