✍?रिपोर्टर विक्रम कुमार नागेश गरियाबंद
जिले के पैरी दाई मुख्यनहर 45 कीमि व फिंगेश्वर डिस्ट्रीब्यूटरी साखा नहर 35 किमी पर 44 करोड़ लागत से चल रहे नहर लाइनिग कार्य एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है।2019 में दोबारा शुरू हुई इस काम मे अब तक 40 किमी से भी ज्यादा लम्बा लाईनिंग कार्य हो चुका है।लेकिन काम मे अमानक सामग्री के अलावा तकनीकी पहलूओ को अनदेखी करने के चलते काम पूरा होने से पहले ही लाइनिग में जगह जगह दरारें आ गया है।भाजपा नेता प्रीतम सिन्हा ने आरोप लगाया है कि पूरा काम ई ई पीके आनन्द व कॉन्ट्रेक्टर के साथ पार्टनरशिप में चल रहा है।इसलिये काम की निगरानी में कोई भी मातहत नही आते।ई ई के बगैर अनुमति के साइड में आने वाले मातहतों को कोप भाजन का सामना करना पड़ता है।मामले में ई ई पी के आनन्द ने बताया कि 2009 में स्वीकृत योजना के बचत कार्य को कराया जा रहा है।स्वीकृत व तय मापदंड के मुताबिक काम हो रहे है,एसडीओ इंजीनियर व मेरी निगरानी में बेहतर काम हो रहा है।पार्टनरशिप के आरोपो को सिरे से खारिज करते हुए आनन्द ने कहा कि ऐसा आरोप तो कोई भी लगा सकता है,आरोप निराधार है।नहरों में टूट व दरारें इसलिए-लाइनिग में सलोप बनाने के पहले मुरम डाल कर कॉम्पेक्सन व तराई नही किया गया।सलोप ढालने के लिए अनुपात हीन सीमेंट कांक्रीट का मसाला बनाया गया।पेवर व वाईब्रोटर नही चलाने के कारण सलोप के परत मजबूत नही हुए है।भरे गर्मी जन्हा स्लीपर व स्लोप बनाये गए वँहा तराई नही किये गए आज धूल बन कर उड़ने लगा है।अधिकांश जगह नहर के बेड लेबल में ड्रेन व फोरस ब्लॉक का निर्माण नही किया गया है।ई ई एसडीओ समेत 5 अफसरो को किया गया था निलंबित-इस योजना को 2009 में मंजूरी मिल गया था,तब लागत 30 करोड की थी,2011 तक लगभग 15 किमी का काम किया गया था,मनमानी हुई तो शिकायत किया गया था।जांच तत्काल शुरू हुई ,मामले में दोषी पाए गए तत्कालीन ई ई दिनेश भगोरिया समेत 2 एसडीओ,2 सब इंजीनियर को निलंबित किया गया था।काम रोक दिया गया था सरकार बदलते ही योजना में 48 प्रतिशत एवभ राशि के साथ काम की लागत अब 44 करोड कर दिया गया।प्रीतम सिन्हा विगत दो माह से लगातार मामले की शिकायत सचिव स्तर पर कर रहे है।राज्यपाल को भी पत्र भेजा है,पर इस बार गड़बड़ी में कार्यवाही तो दूर जांच तक नही करना कई संदेहों को जन्म देता है।सांसद बोले चल रहा है बन्दबाट-निगरानी समिती की बैठक लेने मंगलवार को सांसद चुन्नीलाल साहू ने पत्रकारों से चर्चा कर कहा कि जीरो टोरलेन्स की बात करने वाली कांग्रेस सरकार में जम कर बंदरबाट चल रहा है ।लाइनिग गड़बड़ी मामले में 2013 में भाजपा सरकार ने बड़ी कार्यवाही किया था,अब जांच तक न होना बंदरबांट की ओर इशारा करता है ।रेत से लेकर खनिज मामलों में भी जम कर बन्दबाँट चल रहा है ।सांसद ने यह तक कह दिया कि यह सरकार कमाने के लिये बनी है।
