✍? रिपोर्टर विक्रम कुमार नागेश गरियाबंद
मैनपुर से लगभग 65 किलोमीटर दुर जनपद पंचायत मैनपुर अंतर्गत ग्राम पंचायत खरीपथरा व उसके आश्रित ग्रामो के लेाग आज आजादी के 74 वर्षो बाद भी मूलभूत बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रहे है, जबकि इस गांव के नदी में अपवर्तन योजना के तहत जल संसाधन विभाग द्वारा लगभग साढे चार करोंड रूपये की लागत से अपवर्तन योजना अंतर्गत सिंचाई डेम का निर्माण किया गया है, लेकिन आज भी किसानों को उनका मुआवजा राशि नही मिल पाया है, और तो और बिन्द्रानवागढ विधानसभा क्षेत्र के विधायक डमरूधर पुजारी दुसरी बार विधायक बनने के बाद दो वर्ष पहले इस गांव में पहुचे थे तो ग्रामीणाें ने नदी में पुल बनाने का मांग किया था, विधायक पुजारी स्वंय ग्रामीणाें के साथ नदी का निरीक्षण कर पुल निर्माण करवाने का आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक पुल निर्माण नही हो पाया।

जनपद पंचायत मैनपुर के ग्राम पंचायत खरीपथरा जो ओडिसा सीमा क्षेत्र से लगा हुआ है आज आजादी के सात दशक बाद भी यहा के ग्रामीणेां को मूलभूत बुनियादी सुविधाओं के लिए तरसना पड रहा है और तो और छत्तीसगढ राज्य निर्माण होने की 21 वर्ष बाद भी इस क्षेत्र के ग्रामो के लोग मूलभूत सुविधाओं के लिए ओडिसा पर आश्रित है, ग्राम पंचायत खरीपथरा की जनसंख्या लगभग 3560 के आसपास है, और इसके आश्रित ग्राम कोतराडोंगरी, टेकनपारा, कमारपारा जो यहा से 07 किलोमीटर दुर पर बसा हुआ है यहा विशेष पिछडी जनजाति कमार आदिवासी निवास करते है, जिनके विकास के लिए राज्य व केन्द्र सरकार द्वारा करोडो रूपये खर्च कर अनेक योजनाए संचालित करने की बात कही जाती है, आश्रित ग्राम टेकनपारा, एंव कमारपारा पहुंचने के लिए कच्चा मार्ग है जो बारिश के दिनो में कीचड से भर जाता है, साथ ही एक बडी नदी गुजरी है इस नदी में बारिश प्रारंभ होते ही पानी भर जाता है और यह काफी तेज नदी है, जंहा ओडिसा में भी बारिश होने पर पानी का बहाव तेज हो जाता है, इस नदी में पुल निर्माण की मांग को लेकर ग्रामीणो ने कई बार ग्राम पंचायत, जिला पंचायत , विधायक, सांसद, कलेक्टर, और मंत्री तक को आवेदन दे चुके है ग्रामीणो ने न्यूज़ 24 कैरेट संवाददाता को बताया कि दो साल पहले बिन्द्रानवागढ के विधायक डमरूधर पुजारी स्वंय इस नदी का निरीक्षण किये थे और पुल बनवाने का आश्वासन दिये थे लेकिन अब तक पुल का निर्माण नही हुआ है जिसके कारण बारिश के पुरे चार माह खरीपथरा आश्रित ग्राम कोतराडोंगरी टेकनपारा, कमारपारा के ग्रामीणो को जान जोखिम में डालकर राशन व ईलाज करने के लिए आने जाने के लिए मजबूर होना पडता है सबसे ज्यादा परेशानी बारिश के दिनो में किसी की तबियत खराब हो जाने या गर्भवती महिलाआें को अस्पताल तक पहुचाने में होती है गर्भवती महिलाओ को खाल में लिटाकर या तो ओडिसा ले जाना पडता है या फिर नदी पार कर लाना पडता है।

15 वर्षो से लाखों के प्राथमिक शाला भवन अधुरा
ग्राम पंचायत खरीपथरा में सर्व शिक्षा अभियान द्वारा प्राथमिक शाला भवन के लिए लगभग 04 लाख 35 हजार रूपये स्वीकृत किया गया था, लेकिन पिछले 15 वर्षो में यह प्राथमिक शाला भवन अधुरा पडा हुआ है निर्माण कार्य रूक गया है इस ओर सर्व शिक्षा अभियान के अधिकारियों का कोई ध्यान ही नही है लगातार ग्रामीणाें के द्वारा प्राथमिक शाला भवन की निर्माण की मांग कर थक चुके है लेकिन ध्यान देने वाला कोई नही है।
साढे चार करोड रूपये के सिंचाई डेम का निर्माण सैकडो किसानों को नही मिला मुआवजा।
ग्राम पंचायत खरीपथरा में जल संसाधन विभाग द्वारा नदी में कुण्डेरापानी अपर्वतन येाजना के तहत सिंचाई डेम का निर्माण लगभग 04 करोड 56 लाख रूपये की लागत से किया गया है, सिंचाई विभाग के अधिकारियों का दावा है कि इस अपवर्तन योजना से 150 हेक्टयर किसानों के खेतो में सिचाई होगी जिसमें ग्राम खरीपथरा, दाबरीगुडा, कुण्डेरापनी के किसानों को लाभ मिलेगा लेकिन अपवर्तन योजना के तहत नहर नाली में अभी भी सैकडों किसानों को मुआवजा राशि नही मिला है इस सबंध में सिंचाई विभाग के सबइंजीनियर श्री पाठक से चर्चा करने पर बताया कि 100 किसानों को मुआवजा प्रकरण तैयार है उन्हे जल्द ही मुआवजा वितरण किया जायेगा।

क्या कहते है सरपंच
ग्राम पंचायत खरीपथरा के सरपंच पुष्पा बाई ध्रुव ने बताया कि ग्राम पंचायत के आश्रित ग्रामो में मूलभूत सुविधा का अभाव है जिसके लिए ग्राम पंचायत से कई बार प्रस्ताव बनाकर भेजा जा चुका है।
क्या कहते है सचिव
ग्राम पंचायत खरीपथरा के सचिव पुरूषोत्तम सोम ने बताया कि आश्रित ग्राम कोतराडोंगरी टेकनपारा, कमारपारा की जनंसख्या 460 के आसपास है, और यह ओडिसा सीमा से लगा हुआ है इन ग्रामो में पहुचने के लिए एक नदी को पार करना पडता है, नदी में पुल निर्माण के लिए कई बार ग्राम पंचायत ग्रामसभा में प्रस्ताव बनाकर भेजा जा चुका है लेकिन अब तक पुल निर्माण नही हुआ है, बारिश के दिनो में यहा के ग्रामीणाें को भारी परेशानियाें का सामना करना पडता है सचिव सोम ने बताया कि गांव में 08 वार्डो में हेडपम्प की मांग को लेकर भी प्रस्ताव बनाकर भेजा जा चुका है।
