प्रांजल झा…
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छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार को आए 17 जून 2021 को ढाई वर्ष हो जायेंगे, इसके मुख्यमंत्री हैं भूपेश बघेल ।अब भाजपा को जो 15 साल छत्तीसगढ़ में सफलतापूर्वक सरकार चलाएं, हम तो सफलतापूर्वक ही कहेंगे, हालांकि इसका विश्लेषण करना छत्तीसगढ़ के मतदाताओं का काम है।
अब उनके पेट में दर्द होना प्रारंभ हो गया है, वह भी 6 – पंडित दीनदयाल मार्ग, नई दिल्ली, केंद्रीय भाजपा कार्यालय और भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री, छत्तीसगढ़ के प्रभारी डी. पुरंदेश्वरी और भाजपा के राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री और छत्तीसगढ़ के संगठन प्रभारी शिव प्रकाश के निर्देश पर 12 जून को छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर सहित छत्तीसगढ़ के 28 राजस्व जिलों में, भाजपा के कद्दावर नेता नेता प्रतिपक्ष, पूर्व मंत्री गण और रायपुर राजधानी में पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह ने पत्रकार वार्ता कर, भूपेश बघेल सरकार की असफलता के एक एक कर कारण गिनाए –
1 – पहला सबसे गंभीर आरोप यह था कि भूपेश बघेल ने कहा था कि प्रतिवर्ष, पढ़े-लिखे शिक्षित बेरोजगार युवकों को नौकरी दी जाएगी, जब तक नौकरी नहीं मिलेगी, ढाई हजार रुपए प्रतिमाह उन्हें खर्च के लिए दिया जाएगा।
इस प्रश्न में ही प्रति प्रश्न खड़ा हो गया, 2013 से लेकर लोकसभा चुनाव होते तक अर्थात 2014 तक, भाजपा के सरकार जो केंद्र में है, उसके प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर सभी केंद्रीय मंत्री, सभी प्रदेश के मुख्यमंत्री, सभी भाजपा के केंद्रीय पदाधिकारी, देश के सभी राज्यों और राज्यों के जिलों में जाकर बड़ी बड़ी सभाएं कर जनता को आश्वस्त किया था कि अगर केंद्र में भाजपा की सरकार आएगी तो प्रतिवर्ष 2 करोड़ बेरोजगारों को देश में नौकरी दी जाएगी। अब इसका क्या हुआ या तो केंद्र सरकार के प्रतिनिधि बताएं? प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बताएं? या फिर छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ रमन सिंह बताएं?
2 – सबसे बड़ा मुद्दा छत्तीसगढ़ में 2018 के चुनाव में किसानों को धान का बोनस देने की बात थी, भाजपा सरकार में 2013 के चुनाव में डॉ रमन सिंह मुख्यमंत्री रहते हुए कहा था कि हमारी सरकार पुनः बनेगी, तो हम किसानों को बोनस देंगे। लेकिन उन्होंने बोनस नहीं दिया, किसानों में आक्रोश भड़का, तो 2017 में कुछ राशि बोनस के रूप में दी गयी। फिर बोनस बंद कर दिया गया। किसानों को धान में यह बोनस देना, बंद करने का निर्णय किसने लिया, केंद्र सरकार ने, और लिखित आदेश जारी किया कि जो भी सरकार किसानों को धान का बोनस देगी, उसका चावल केंद्र सरकार का खाद्य मंत्रालय के अंतर्गत भारतीय खाद्य निगम चावल नहीं खरीदेगा।
इसी तारतम्य में छत्तीसगढ़ का चावल खरीदने पर प्रतिबंध लगा दिया गया, क्योंकि भूपेश बघेल की सरकार बोनस देने की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी थी। बाद में छत्तीसगढ़ की सरकार केंद्र सरकार के एमएसपी रेट पर धान खरीद कर, बचत राशि राजीव गांधी किसान न्याय योजना के माध्यम से किसानों के खाते में, चार किस्तों में, किसानों के बैंक खाते में डालना प्रारंभ कर दिया। इसका लाभ भाजपा से भी जुड़े बड़े से बड़े किसान और छोटे से छोटे किसानों ने लिया, हालांकि यह माना जाए कि छत्तीसगढ़ के किसान को लाभ मिलना प्रारंभ हुआ।
तो…..तो आखिर इसमें रुकावट कौन बना। 12 जून की प्रेस कॉन्फ्रेंस में पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह सहित सभी भाजपा नेताओं और नेता प्रतिपक्ष ने अंबिकापुर में और पूर्व मंत्रियों ने और वर्तमान 14 विधायकों ने जिलों में जाकर इस विषय को जोर-शोर से उठाया, आखिर इसका दोषी कौन?
3 – महत्वपूर्ण और सफलतापूर्वक 15 साल के भाजपा में, जो कमीशन का खेल चला। जिसमें जनता की मांग किये बगैर साड़ी बांटने का निर्णय, चप्पल और जूते बांटने का निर्णय, साइकिल और सिलाई मशीन बांटने का निर्णय, लैपटॉप और टेबलेट बांटने का निर्णय, कुदाल, फावड़ा और तसला बांटने का निर्णय और अंत में सबसे बड़ा घोटाला करने का जो रास्ता निकाला गया, पढ़े लिखे बच्चों को मोबाइल बांटने का निर्णय !!!
क्या छत्तीसगढ़ के किसान, क्या छत्तीसगढ़ का आम नागरिक या छत्तीसगढ़ के पढ़े-लिखे बेरोजगार और शिक्षा प्राप्त कर रहे बच्चों ने उपरोक्त चीजों की मांग की थी !!! छत्तीसगढ़ सरकार भ्रष्ट सप्लायरों के साथ मिलकर, उपरोक्त सामान खरीदी कर, जनता की बगैर मांग पर वितरित करने का निर्णय लिया और सफलतापूर्वक कितना बांटे, इसका रिकॉर्ड नहीं है। इसका दोषी कौन? यह तो सीधा-सीधा शासन के खजाने में डकैती हुई है, इसका जवाब भाजपा को देना होगा।
4 – छत्तीसगढ़ के आम मतदाता, व्यापारी सहित, भाजपा के ही निष्ठावान कार्यकर्ताओं के अंदर खाने जो नाराजगी है। वह यह है कि इस 15 साल के भाजपा शासनकाल में जो अधिकारियों के साथ मिलकर छत्तीसगढ़ में भ्रष्टाचार की गंगा बहाकर लूट खसोट किया गया, शासकीय खजानों में जो डाका डाला गया, उससे नाराजगी ज्यादा बढ़ गया था, उसी का नतीजा था कि 2018 के विधानसभा चुनाव में भाजपा को करारी हार का सामना करना पड़ा और वह सिर्फ 14 सीट में सिमट कर रह गयी, जनता अब यह जानना चाहती है कि भाजपा सरकार में बैठे लोग और उसके निगम और मंडल में बैठे लोग, 2004 से लेकर 2018 के बीच, उनकी आर्थिक स्तिथि मजबूत कैसे हुई और जबरदस्त संपत्ति इन लोगों ने बनाया, यह लोगों के आंखों में दिख रहा है। जनता की मांग है कि उपरोक्त पदों पर रहे व्यक्ति इमानदारी से आम जनता को सार्वजनिक कर यह बताएं कि 2003-2004 में उन्होंने आयकर में कितना रिटर्न भरा था और 2018-2019 के वित्तीय वर्ष में आयकर का कितना रिटर्न भरा और जो उन्होंने संपत्ति बनाई, जो अपनी व अपने परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत की, उसका स्रोत क्या था? यह सार्वजनिक किया जाना चाहिए। छत्तीसगढ़ की जनता यह जानना चाहती है!!!
भूपेश बघेल की सरकार को बने सिर्फ ढाई वर्ष हुए हैं, अगर इसमें भी उसने भ्रष्टाचार किया है, तो उस पर भी कार्यवाही होनी चाहिए। लेकिन पहले भाजपा अपने गिरेबान में झांक कर देखें कि भाजपा शासनकाल में शासकीय खजाने का किस तरीके से लूट हुआ।
5 – इसका एक जीता जागता उदाहरण है नवा रायपुर, जहां पर मंत्रालय, पुलिस मुख्यालय और अन्य शासकीय कार्यालय बनाए गए और काम करवाए गये, इसमें छत्तीसगढ़ सरकार के खजाने का पैसा भी खर्च हुआ, हजारों करोड़ रुपए केंद्रीय से भी मिले। लेकिन वहां आज वर्तमान में 13 जून 2021 की स्थिति यह है कि वहां जिंदा तो जिंदा व्यक्ति क्या, भूत-प्रेत भी जाना पसंद नहीं करता। नवा रायपुर बसाने के नाम पर जबरदस्त पैसे की लूट हुई है, जबकि आवश्यकता ही नहीं थी।
नया रायपुर में रह रहे शासकीय अधिकारी-कर्मचारी वर्ग बताते हैं कि जिन घरों में वे रह रहे हैं, बरसात के दिनों में घर के भीतर भी छाता और रेनकोट की जरुरत पड़ रही है, समझ लें कि भाजपा शासन में बने आवास की गुणवत्ता कैसी है।
शहर के बीच ही इतनी जमीने थी कि वहां पर कम खर्च में राजधानी जैसा विकास किया जा सकता था, केंद्र के कोई भी नेता जब छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर आते थे, तो उन्हें एयरपोर्ट से ही नवा रायपुर ले जाकर, चकाचौंध विकास की बात बताई जाती थी। मंत्रालय में बैठक कर केंद्रीय मंत्री को वापस एयरपोर्ट पहुंचा दिया जाता था, अंदर की कहानी केंद्र सरकार में बैठे केंद्रीय मंत्रियों को और वहां के ब्यूरोक्रेट को पता ही नहीं चला कि कैसे छत्तीसगढ़ सरकार में बैठे लोग लूट मचाए हुए थे।
इन सब बातों को, भाजपा के स्थापित नेतृत्व को, जनता को बता देना चाहिए।
छत्तीसगढ़ के भोले-भाले मतदाताओं को भाजपा नेताओं से उपरोक्त बातों का जवाब का इंतजार है !!!..…..
