सांसद विजय बघेल अन्नदाता किसानों एवं महिला स्व सहायता समूह के उन्नति में बाधक

पाटन। वरिष्ठ कांग्रेसी नेता अश्वनी साहू ने पूर्व सांसद विजय बघेल के उस बयान पर जिसमें गोबर से बनाए गए वर्मी कंपोस्ट खाद सरकार की लापरवाही के चलते खराब हो गए हैं ? पर पलटवार करते हुए श्री साहू जी ने कहा की पिछले 15 वर्षों में भाजपा की सरकार में अनेको उदाहरण है , जिसमें घटिया बीज नकली खाद नकली दवाई बेचे गए थे। अब छत्तीसगढ़ के किसान एवं महिला स्व सहायता समूह को अपने ही गांव में गौ माता की सेवा करते हुए आर्थिक लाभ कमाकर आत्मनिर्भरता की ओर आगे बढ़ रहे हैं ऐसे समय पर किसानों एवं महिला समूह के बहनों को प्रोत्साहित करने के बजाय विजय बघेल दुर्ग सांसद हतोत्साहित कर रहे हैं। और हताशा और निराशा में अपनी नाकामी को छिपाने के लिए छत्तीसगढ़ शासन की महत्वाकांक्षी योजना पर सवाल कर रहे हैं। इससे साफ जाहिर होता है की विजय बघेल किसानों एवं महिला स्व सहायता समूह के उन्नति में बाधक है!
“”आत्मनिर्भर भारत “” का नारा देने वाली भाजपा अपने ही नारा पर अविश्वास प्रकट कर दोहरे चरित्र को उजागर कर रहे हैं।
विजय बघेल जी बतावे की महिला स्व सहायता समूह एवं अन्नदाता किसानों पर विश्वास है या नहीं.? और यह भी बता दे कि देश का प्रधान सेवक मोदी जी पर आपका विश्वास है या नहीं? क्योंकि मन की बात में आपके सुझाव को मोदी जी ने नकार दिया था। श्री विजय बघेल जी को स्मरण दिला दें कि उनके ही संसदीय सचिव कार्यकाल में किसानों को प्राम खाद जबरिया किसानों को दिया जाता था उस समिति में कौन-कौन लोगों की भागीदारी हुआ करते थे यह किसानों को पता है। प्राम खाद में गिट्टी, मिट्टी, कोयला, खिला , कागज एवं प्लास्टिक का टुकड़ा भरे रहते थे और आज किसानों का हितेषी होने का स्वांग रच रहे हैं। छत्तीसगढ़ की भूपेश बघेल सरकार किसानों का, महिला स्व सहायता समूह के आय दोगुनी करने का जतन कर रहे हैं तब श्री विजय बघेल अपनी साख बचाने के लिए राजनीति कर रहे हैं। वह गोबर से बने खाद का ही नहीं बल्कि गौ माता एवं अन्नदाता किसानों का एवं महिला समूह के बहनों का अपमान कर रहे हैं। गौ माता को अपनी माता कहने वाली भाजपा बतावे कि 15 वर्षों में गाय, किसान एवं महिला स्व सहायता समूह के बहनों के लिए ऐसी कौन सी योजना बनाई थी जो आज तक किसान एवं महिला समूह के बहनों ने ना भूला हो।
श्री विजय बघेल जी कृषि मंत्री को शिकायत करने वाले हैं तो यह भी लिखना, सरसों का तेल, डीजल पेट्रोल एवं रसोई गैस के दाम एवं आसमान छूती हुई महंगाई क्यों ? इंतजार होगा केंद्रीय कृषि मंत्री को लिखे पत्र के जवाब एवं उपर्युक्त मुद्दों के समाधान का ।

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