सिलगेर जा रहे आम आदमी पार्टी के जांच दल को तर्रेम थाना में पुलिस ने रोका,जांच दल थाने के सामने ही बैठा धरने पर… सिलगेर घटना की सच्चाई छुपाना चाहती है सरकार- कोमल हुपेण्डी

सुकमा व बीजापुर जिले सीमा पर सत्रह मई पुलिस की गोलीबारी व भगदड़ में गर्भवती महिला सहित चार आदिवासियों की मौत हो गई थी,जिसकी जांच हेतु आम आदमी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष कोमल हुपेण्डी के नेतृत्व में जांच दल चार जून को सिलगेर के लिए रवाना हुई थी,लेकिन सिलगेर पहुंचने के पहले ही पुलिस ने तर्रेम थाने पर रोक लिया है।
कोमल हुपेण्डी ने कहा कि प्रदेश सरकार बस्तर में पांचवी अनुसूची,पेसा कानून व ग्रामसभा में उल्लेखित प्रावधानों की धज्जियां उड़ा रही है।सिलगेर में गर्भवती महिला सहित चार आदिवासियों की मौत पर भी गम्भीर नहीं है,पीड़ित परिवारों को घटना के उन्नीस दिन बाद भी सरकार न्याय नहीं कर पा रही है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार सिलगेर मामले को दबाना चाहती है इसीलिए सामाजिक कार्यकर्ताओं व विपक्षी दलों को साथ लिए बगैर केवल कांग्रेस सांसद व विधायकों की टीम बनाकर सिलगेर मामले पर लीपापोती करने का प्रयास कर रही है।
आम आदमी पार्टी सिलगेर मामले की निष्पक्ष जांच कर प्रदेश की जनता को वास्तविक स्थिति से अवगत कराना चाहती है, ताकि बस्तर में किसी भी तरह से हो रहे नरसंहार में रोक लग सके।कोमल हुपेण्डी ने बताया कि पांच जून को भी यदि प्रशासन सिलगेर नहीं जाने देती तो आम आदमी पार्टी पूरे प्रदेश में आंदोलन करने को बाध्य होगी।
पार्टी के सह संगठन मंत्री देवलाल नरेटी ने कहा कि पार्टी ने सिलगेर जाने की विधिवत सूचना प्रशासन को दी है लेकिन सरकार आम आदमी पार्टी की जांच दल को सिलगेर जाने से रोकना चाहती है,जो कि सन्देह को जन्म देता है।कानून व्यवस्था और बस्तर में नरसंहार रोकने में विफल प्रदेश के विफल प्रदेश गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू को तत्काल बर्खास्त करनी चाहिए।
आम आदमी पार्टी की जांच दल चार जून की दोपहर तीन बजे से लगातार तर्रेम थाने के सामने धरने पर बैठी हुई है।जांच दल में यूथ विंग के प्रदेश अध्यक्ष तेजेन्द्र तोड़ेकर,वरिष्ठ नेता एवं दल्ली राजहरा के नगरपालिका उपाध्यक्ष संतोष देवांगन,चित्रकोट विधानसभा के प्रभारी समीर खान व पूर्व प्रत्याशी दंती पोयाम शामिल हैं।

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