नवा रायपुर ::कोरोना महामारी के महासंकट से आज पूरा प्रदेश जूझ रहा है । कोरोना के दूसरे लहर में बहुत से शासकीय कर्मचारी अल्प उम्र में दिवंगत हो गए, जो कर्मचारी जगत के लिए अपूरणीय क्षति है,उसकी कमी को पूरा किया जाना असम्भव है।आज उनके परिजन सदमे में हैं तथा उनके ऊपर दुःख का पहाड़ टूट गया है । पति– पत्नी शासकीय कर्मचारी में से पति या पत्नी कोरोना से दिवंगत हुए हैं ऐसे में उनके परिवार के लिए भरण पोषण की समस्या भी पैदा हो गई है।दिवंगत शासकीय सेवक के इलाज में लाखों रुपए खर्च हो चुके है, उनके परिजन इलाज में हुए खर्च के कारण भी कर्ज से दबे हुए है। पति — पत्नी दोनों के वेतन से पूरे परिवार का भरण पोषण सम्भव हो पाता था । एक तरफ कोरोना के कारण असामयिक निधन से परिवार के ऊपर दुःख का पहाड़ तो टूटा ही है , अब सिर्फ पति या पत्नि के वेतन से पूरा परिवार संभालना बहुत मुश्किल एवम असम्भव सा हो गया है । माननीय मुख्यमंत्री जी ने अनुकम्पा नियुक्ति के लिए जो कदम उठाया है, निश्चित रूप से सराहनीय एवम स्वागतेय है , अब कोरोना से दिवंगत पति – पत्नी शासकीय कर्मचारियों के लिए सहानुभूति पूर्वक विचार करते हुए कोरोना से दिवंगत पति-पत्नी शासकीय कर्मचारी को विशेष प्रकरण मानते हुए परिवार के कोई भी एक सदस्य को चाहे उनके पुत्र हो या पुत्री हो या परिवार के कोई भी सदस्य को अनिवार्य रूप से अनुकम्पा नियुक्ति देने की मांग छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के प्रांतीय संयोजक कमल वर्मा ने मुख्यमंत्री एवम मुख्य सचिव से की है।शासन को पत्र भेजकर वर्तमान प्रचलित नियमों एवम शर्तों को शिथिल करते हुए अनुकम्पा नियुक्ति देने अनुरोध किया है ताकि कोरोना से दिवंगत पति- पत्नी शासकीय कर्मचारियों के परिजनों को सहारा मिल सके । विदित हो कि प्रदेश भर में लगभग 40 -45 पति-पत्नी शासकीय कर्मचारी में से या तो पति कोरोना से दिवंगत हुए हैं या पत्नी , जिसके कारण अनुकम्पा नियुक्ति हेतु जीवित पति या पत्नी के शासकीय सेवक होने के कारण अनुकंपा नियुक्ति हेतु उनके पुत्र-पुत्री या आश्रित को अपात्र किया जा रहा है।
कोरोना से दिवंगत हुए पति/पत्नी शासकीय कर्मचारियों के आश्रितों को भी मिले अनुकम्पा नियुक्ति – कमल वर्मा
