धमधा –शुक्रवार को सुबह मछुआरे जब दानी तालाब में मछली पकड़ने लगे तब वहां करीब 20 साल से रह रहे कछुआ जाल में फंसकर बाहर आया लगभग 100 किलो के कछुए को देखने के लिए भारी भीड़ लग गई यह दूसरा मौका है जब कछुआ तालाब से बाहर देखा गया नगर के वरिष्ठ राम कुमार ढीमर ने बताया कि इसे लगभग 20 साल पहले तालाब में छोड़ा गया था आज विशाल रूप धारण कर धमधा के धरोहर के रूप में विद्यमान है हनुमान मंदिर के पुजारी पंडित पवन शर्मा ने कहा कि सनातन धर्म में कछुए को अत्यंत शुभ माना जाता है वास्तु में भी इसे मंगल कारक मानने के कारण व्यवसायिक संस्थानों और घरों में इसकी मूर्ति स्थापित की जाती है तो शुभ फल की प्राप्ति होती है नगर के वरिष्ठ इतिहास कार श्रवण गुप्ता व प्रदीप ताम्रकार कहते हैं कि नगर में देव तुल्य कछुए का होना नगर के लिए शुभ है इनकी उपस्थिति से नगर में सुख शांति विद्यमान रहेगी ऐसा हमारा विश्वास है बहर हाल नगर के दानी तालाब में देव तुल्य कछुआ विद्यमान है जो नगर की शोभा बढ़ा रही है
नगर की धरोहर कछुआ आया बाहर देखने वालों की लगी भीड़
