लोकेश्वर सिन्हा गरियाबंद
गरियाबंद। आपदा से लोग भयभीत भी हैं, लेकिन मजबूरी है कि अपनी पारी के इंतजार में खड़े होना पड़ा रहा है। यह नजारा जिला मुख्यालय स्थित जिला सहकारी केंद्रीय बैंक की। बच्चे से लेकर बूढ़े तक सबको पता कि कोरोना घातक बीमारी है, जिससे अनेक लोगों की जाने भी चले गई है। गरियाबंद जिले में भी इस बीमारी से मौतें हुई है। अनेक लोग इससे जूझते हुए मौत के मुंह से बाहर आए हैं। कई लोग अभी भी हॉस्पिटल एवं होम आइसोलेशन में है, जो अपना इलाज करा रहे हैं। जिले में पिछले डेढ़ माह तक लॉकडाउन के दौरान लोग घरों में ही थे। लॉकडाउन में शिथिल किया गया तो लोग घरों से बाहर निकलना शुरू किए, जरूरी संस्थाएं खुली, जिसमें जीवन जीने के लिए सबसे अहम चीज होती है, रुपए की। इसके लिए ग्रामीण बैंक में अपनी जमा पूंजी निकालने के लिए इन दिनों मजबूरीवश बैंक के बाहर खड़े नजर दिखें।
मिली जानकारी के मुताबिक दो मद की राशि किसानों के खाते में जमा हुई है। जिसमें प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि एवं राजीव गांधी किसान न्याय योजना की राशि शामिल है। इस राशि को निकालने के लिए किसान गुरुवार को जिला सहकारी केंद्रीय बैंक पहुंचे हुए थे। इसके साथ ही बड़ी संख्या में किसानों के दोपहिया वाहन भी बैंकों के बाहर खड़े दिखे।
लॉकडाउन में छूट मिलते ही सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ती देखी गई। बाजार के साथ बैंक, कॉलेज सहित जगह-जगह शारीरिक दूरी के नियम हवा हो गई। लोगों की लापरवाही कहीं एक बार फिर भारी न पड़ जाए। कोरोना की दूसरी लहर ने पहले से भी ज्यादा लोगों को प्रभावित की है। वहीं मौतों का आंकड़ा भी बढ़ा है। प्रतिबंधों में ढील मिलते ही लोग बेपरवाह हो गए हैं। हालांकि संक्रमण की रफ्तार कम हुई है, लेकिन बीमारी अभी भी है, इसलिए लोगों को सतर्कता के साथ-साथ सावधानियां भी बरतनी ज्यादा जरूरी है।

मालूम हो कि जिला प्रशासन ने जिले में कोरोना संक्रमण की दर में कमी एवं जनसुविधाओं को देखते हुए लॉकडाउन में कई प्रतिबंधों में छूट दी गई है। जिसके बाद से व्यवसायिक प्रतिष्ठान, बाजार सहित दुकानें शाम 6 बजे तक खुलेंगे। इसके साथ ही अन्य आवश्यक प्रतिबंध जारी रहेंगे। जिला मुख्यालय में लोगों की भीड़ सामान्य दिनों की तरह ही नजर आई। इस दौरान जगह-जगह शारीरिक दूरी के नियम की धज्जियां उड़ गई। जिला सहकारी केंद्रीय बैंक, बिजली ऑफिस सहित बाजार में लोगों की काफी भीड़ देखने को मिली। वहीं शासकीय वीर सुरेंद्र साय महाविद्यालय में भी छात्र-छात्राओं की लंबी कतारें देखने मिली, जहां सोशल डिस्टेंस के नियम को पूरी तरह से दरकिनार कर दिया गया था। गौरतलब हो कि जिले में स्कूल एवं कॉलेज विद्यार्थियों के लिए फिलहाल बंद हैं। शासन से अनुमति प्राप्त समस्त परीक्षाओं को छोड़कर कोचिंग क्लासेस एवं अन्य समस्त शैक्षणिक गतिविधियां बंद रहेगी। बताया गया कि विद्यार्थी उत्तरपुस्तिका लेने कॉलेज पहुंचे हुए थे। लेकिन इस बीच नियमों के पालन कराने को लेकर जिम्मेदार नदारद दिखें। हालांकि दोपहर बाद लोगों की जो भीड़ थी, वह कम हो गई, लेकिन जिला सहकारी बैंक में शाम तक ग्रामीणों की भीड़ जमा रही। जिला प्रशासन ने लॉकडाउन के दौरान कई प्रतिबंधों में ढील दी है, लेकिन इसके साथ ही मास्क और फिजिकल डिस्टेंसिंग का कड़ाई से पालन करने कहा गया है।
