पाटन.सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पाटन में अब आपातकालीन प्रसव की सुविधा उपलब्ध होने से इसका लाभ ग्रामीणों को मिल रहा है जुलाई 2019 से यहां पर सी सेक्शन की सुविधा उपलब्ध है बीएमओ डॉ आशीष शर्मा ने बताया कि पाटन में आपातकालीन सुविधाओं को दुरुस्त करने के लिए राज्य शासन सी सेक्शन ऑपरेशन के लिए पीजी डिग्री धारी विशेषज्ञ डॉ कृष्ण कुमार डेहरिया की ड्यूटी लगाई है। अब तक 26 सी सेक्शन ऑपरेशन किए जा चुके हैं । उनके साथ एनसथीसियोलॉजिस्ट डॉक्टर अजय ठाकुर शिव कुमारी दुबे लैब टीम और टीम नरसिंह टीम काम कर रही है। जिसके कारण लोगों का विश्वास बढ़ा है। ग्रामीणों का विश्वास जीतने के बाद डॉक्टरों का भी आत्मविश्वास बढ़ा है। उन्होंने बताया कि सीएससी पाटन शासन की यूनिवर्सल हेल्थ स्कीम का पायलट ब्लाक भी है।
ऑपरेशन के बाद बालक स्वस्थ-
ग्राम चीचा की ममता को नाजुक स्थिति में लाया गया 29 फरवरी को सुबह 9:30 बजे इमरजेंसी सी सेक्शन में बालक को जन्म दिया बी एम ओ ने बताया कि 29 फरवरी को डॉ डहरिया दवरा एक और इमरजेंसी सी सेक्शन ऑपरेशन किया गया है उन्होंने बताया कि ममता को सुबह अचानक प्रसव पीड़ा हुई घरवालों ने मितानिन से संपर्क किया और मितानिन ने सी एच सी को इसकी जानकारी दी इसके बाद महतारी एक्सप्रेस के माध्यम से उसे सुबह 8:30 बजे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया मामले की नजाकत को देखते हुए डॉक्टरों ने ऑपरेशन थिएटर तैयार किया सुबह 9:30 बजे ऑपरेशन के बाद स्वस्थ बालक को जन्म दिया अभी दोनों वार्ड में स्वास्थ्य लाभ ले रहे हैं । ऑपरेशन के बाद सभी माताओं को दवाइयां और भोजन उपलब्ध कराया जाता है यह पूरी सुविधा डॉ खूबचन्द बघेल स्वास्थ्य सहायता योजना के तहत दी जा रही है।
जच्चा बच्चा के लिये ऑपरेशन था जरूरी—-
ग्राम गोंडपेंड्री की तीजन को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया तो सी सेक्शन का नाम सुनकर उनके परिजन घबराए हुए थे डॉक्टर द्वारा परिजनों को समझाया गया की ऑपरेशन जच्चा बच्चा के लिये जरूरी है यह बात परिजनों ने समझी और ऑपरेशन के लिये तैयार हुए उन्होंने बताया कि डॉक्टर द्वारा दी गईं तिथि के मुताबिक तीजन का सी सेक्शन ऑपरेशन 27 जुलाई को हुआ था।
धीमी हो गई थी दिल की धड़कन—पाटन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में किया गया दूसरा सीसेक्शन ऑपरेशन12 फरवरी को हुआ जिसमे सांतरा नूतन यदु ने प्रसव पीड़ा शरू होने के घण्टे के भीतर ही सिजेरियन ऑपरेशन के माध्यम से बच्ची को जन्म दिया बीएमओ ने बताया12 फरवरी को 23 वर्षीय नूतन पति विक्रांत यदु को 102 महतारी एम्बुलेंस से सामुदायिक स्वाथ्य केंद्र लाया गया था वह पहली बार गर्भवती थी महिला दोपहर में करीब साढ़े 12 बजे अस्पताल पहुंची स्त्री एव प्रसूति रोग चिकित्सक डॉ डहरिया ने नूतन की जांच किया तो पता चला कि बच्चे ने गर्भ के अंदर गन्दा पानी पी लिया है साथ ही गर्भस्थ शिशु की हृदय गति भी कम होरही है तत्काल इसकी डिलवरी नही कराई गई तो बच्चे को बचाना मुश्किल हो जाएगा बिना देरी किए परिजनो को समझा कर सीजर ऑपरेशन किया गया
30 सितंबर को हुआ था पहला इमरजेंसी ऑपरेशन—डॉ शर्मा ने बताया कि आमतौर पर सी सेक्शन ऑपरेशन प्लान करके किए जाते हैं लेकिन अब अच्छी टीम आ जाने से पाटन में इमरजेंसी की स्थिति से निपटने के लिए भी पूरी तैयारी है सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पाटन में जुलाई से अब तक 26 सी सेक्शन ऑपरेशन किए गए हैं उन्होंने बताया कि जिसमें से 3 तो एकदम इमरजेंसी में मैं हुए उन्होंने बताया कि डॉक्टरों की टीम ने पहला इमरजेंसी सी सेक्शन ऑपरेशन 30 सितंबर को किया जिसमें पंडोर निवासी अनु को शाम को करीब 6:00 बजे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पाटन लाया गया प्रसूता की स्थिति नाजुक थी जल्द ऑपरेशन जरूरी था ओटी टीम ने फुर्ती से ऑपरेशन थिएटर में तैयारी की इमरजेंसी में जाना पड़ता दुर्ग रायपुर ,,,,इसके पहले जब भी आपातकाल की स्थिति आती थी तो गर्भवती महिला को दुर्ग या रायपुर रिफर किया जाता था मरीज के परिजन घबराहट के कारण कई बार प्राइवेट अस्पताल में चले जाते थे जहां पर कम से कम 30 से 40,000 खर्च हो जाते थे लेकिन अब पाटन में ही सी सेक्शन ऑपरेशन की सुविधा उपलब्ध हो जाने से ग्रामीणों को काफी राहत हो गई है,,प्रसव सर संग्गी दे रहे हैं मनोवैज्ञानिक सहारा,,, प्रसव पीड़ित महिला को मनोवैज्ञानिक संबल देने के लिए उसके साथ एक प्रसव संगी महिला होती है प्रसव सँगी वह महिला होती है जिस पर गर्भवती महिला सबसे ज्यादा भरोसा करती है अस्पताल आई गर्भवती महिला को एक सुविधाजनक माहौल देने और उसकी घबराहट कम करने के लिए प्रसव संग्गी महिला की भूमिका महत्वपूर्ण है।