लूट सके तो लूट..अंत काल पछतायेगा जब सत्ता जाएगी छूट..यह कहावत चरितार्थ कर रही छत्तीसगढ़ सरकार
भिलाई–शासकीय दफ्तरों में रिश्वत देकर काम होना सुना था अब सरकारी दारू में भी रिश्वत की बातें आ रही है।मतलब साफ है निर्धारित रेट तो देना ही है साथ ही अलग से शराब दुकान के बाबू को रिश्वत दीजिये जल्द शराब प्राप्त कीजिये।यह भ्र्ष्टाचार की नई परम्परा देखने को मिल रही है ठीक उसी तरह जिस तरह शासकीय दफ्तरों में जायज कार्य को भी जल्द करवाना हो तो बाबू को टेबल के नीचे से रिश्वत दो और काम जल्द करवा लो नही तो महीनों दफ्तरों के चक्कर कटवा देते है ये दफ्तरी बाबू यही हाल अब सरकारी शराब दुकानों का भी हो गया है उक्त बातें जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ जे के दुर्ग जिला ग्रामीण अध्यक्ष सतीश पारख ने कही उन्होंने एक राष्ट्रीय अखबार के पोर्टल की यह तस्वीर भेजी है जिसे अखबार के पोर्टल ने प्रमुखता से उठाया है ।
पारख ने आरोप लगाया कि भ्र्ष्टाचार की सीमा लांघ चुकी है सरकार व उसमें बैठे अधिकारी..सत्ता का चेहरा बदला है लूट मनमानी पूर्व की रमन सरकार की तरह आज भी जारी है क्या ऐसे ही प्रदेश की युवा पीढ़ी को नशे की लत लगाकर गढ़ेंगे नया छत्तीसगढ़ …यह सब कुछ सरकार व अधिकारियों की खुली आँखों के सामने हो रहा पर होना कुछ नही है क्योंकि सरकार और अधिकारी सभी लूट में मस्त है…यहां वह कहावत चरितार्थ हो रही है की… लूट सके तो लूट अंत काल पछतायेगा जब सत्ता जाएगी छूट
