कर्तव्य को ही अपना धर्म समझा, इसलिए कोरोना महामारी में भी जाती रही ड्यूटी


दुर्ग। यह है भिलाई इस्पात संयंत्र में सेवारत सहायक प्रबंधक आर सी एल, लीना वराठे, जिन्होंने कर्तव्य को ही अपना धर्म समझा। जहां विगत एक वर्ष से वैश्विक कोरोना महामारी फैली हुई है। क्या आम और क्या खास सभी लोग इस बीमारी की चपेट में आए और हताहत हुए हैं, फिर भी अपने कर्तव्य पर डटी रही कहीं प्रोडक्शन कम ना हो जाए इसलिए रेल सैंम्पल का टेस्टिंग करती रही। जब विगत वर्ष मार्च से कोरोनावायरस फैल रहा था और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 22 मार्च 2020 को जनता कर्फ्यू और 24 मार्च से 21 दिन का देश में लाकडाउन लगा दिया तब, ड्यूटी एवं घर की चिंता थी। घर में पति, पुत्रियां एवं वयोवृद्ध सास, ससुर, है। सास का निधन सितंबर में हो गया, फिर ससुर बीमार हुए, घर परिवार एवं ड्यूटी करना चुनौतीपूर्ण है, उनके कार्य के लिए अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर सम्मानित किया गया था। इस चुनौती का सामना करना लीना वराठे सहायक प्रबंधक ने सिखाया, आज इनसे प्रेरणा लेकर, कर्तव्य को ही धर्म समझने की जरूरत है।

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