पाटन। वरिष्ठ कांग्रेेेस नेता एवं मध्य पाटन जोन प्रभारी अश्वनी साहू ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा अपने संसदीय क्षेत्र में जनता के बीच बहुत ही सुंदर नारा दिया था , मैं ना आया हूँ——? ना मुझे भेजा गया है—-? मुझे तो माँ गंगा ने बुलाया है—-!! बनारस के लोगों को लगा की जैसे हमारे यहां खाने वाले पान में रस होता है (खईके पान बनारस वाला ll खुल जाए बंद अकल का ताला ll) वैसे ही हमारे नेता के बोल हैं l
कोरोना संक्रमण काल का भयावह दृश्य माँ गंगा की गोद में दिख रही है समाचार पत्रों एवं चैनल में l यूपी से लेकर बिहार तक मां गंगा की गोद में लाशों के ढेर जिसे कुत्ते भी नोच रहे हैं l आंखों के सामने मानवता शर्मसार होती हुई झकझोर कर देने वाला दृश्य , तमाम दुनिया की सैर पर रहने वाला मोदी जी अब तो माँ गंगा ने नहीं बल्कि चीखती कराहती मृतक के परिजन एवं मतदाता बुला रही है , मोदी जी कब आओगे । योगी जी की बस की बात नहीं हमें तो बस मोदी—मोदी—मोदी चाहिए ?
लगता है ” मोदी जी के बोल, ढोल के अंदर पोल”! मोदी जी का नारा घर घर मोदी, हर घर मोदी!!-अब तो हर घर से आवाजें आ रही हैं रोते बिलखते असहाय जनता की ? मोदी जी का नारा अब पैजामा के नारा जैसा टूट गया है। कोरोना संक्रमण से मरने वालों के कारण गंगा मैली हो रही है गंगा में नाव नहीं लाशें तैर रही है l अब तो शमशान में नया धंधा शुरू हो गया है , हॉस्पिटल से लाने से लेकर लाशें जलाने तक पैकेज लिए जा रहे हैं l आप के रहते यह कैसा हो रहा है मोदी जी? कभी आपने कहा था , श्मशान और कब्रिस्तान की बातें , शायद वह समय आ गया है। आप तो भविष्यवक्ता हैं , चुनाव में जितनी सीटें जीतने का पहले एलान करते हैं ठीक वैसा ही होता है! अब ऐलान कर दीजिए कौन से तारीख को कोरोना संक्रमण भारत से खत्म होगा! इसके पूर्व भी आपने कई जतन करवाए हैं, कभी ताली बजाना, कभी थाली बजाना, दीया जलाना, मोबाइल का टॉर्च जलाना , शायद उस समय ग्रह गोचर ठीक नहीं था कोई बात नहीं कभी-कभी असफलता हाथ लग ही जाती है , पर देश की जनता आश्वस्त हैं तारीख का इंतजार होगा।
गंगा मैया ने नहीं…अब तो बनारस की पीड़ित जनता बुला रही है मोदी जी-अश्वनी साहू
