निजी स्कूलों की मनमानी रोकने जिला पंचायत सदस्य मोनू साहू ने कलेक्टर को लिखा पत्र

पाटन। दुर्ग जिला पंचायत सदस्य मोनू(मोरध्वज)साहू ने आज कलेक्टर दुर्ग को निजी स्कूलों द्वारा कोरोना महामारी संकट के दौर में फीस वसूली को लेकर किये जा रहे मनमानी रोकने पत्र लिख कर पालकों को राहत देने की मांग किया है। श्री मोनू साहू ने पत्र में लिखा है कि कोरोना संक्रमण के कारण लॉकडाऊन की वजह से पिछले साल मार्च 2020 में और इस वर्ष अप्रेल महीने में हुए लॉकडाऊन से लोगो की आर्थिक स्थिति कमजोर हो गई है। पिछले साल निजी स्कूलों में ऑनलाइन शिक्षा के नाम पर पालकों से पूरा फीस वसूली किया गया। लेकिन सभी पालक फीस देने में सक्षम नही थे। जिले के कई स्कूलों के पालकों ने अप्रेल और जून महीने का फीस माफ किये जाने के साथ बाकी महीनों का ट्यूशन फीस कम किये जाने की मांग रखी थी। लेकिन स्कूल संचालकों द्वारा पूरा फीस की मांग किया गया। जिसके कारण शिक्षा सत्र 2020-21 का कई पालकों ने अपने बच्चों का फीस जमा नही कर पाए है। जबकि पिछले सत्र में स्कूल नही लगने पर ऑनलाइन पढ़ाई करवाया गया है। जिसमे पालकों को मोबाइल रिचार्ज का अतिरिक्त खर्च वहन करना पड़ा। महोदय जी जब स्कूल संचालित नही हो रहा है तो वहां की बिजली बिल, सफाई कर्मचारी और अन्य मेंटनेंस भी बंद होने से स्कूल की खर्च नही हुआ है।
इस सत्र में जिन पालकों ने फीस नही पटाया है उनके बच्चों को अगले कक्षा में प्रवेश नही दिया जा रहा है। जिसके कारण पालक अपने बच्चों के भविष्य को लेकर असमंजस में है।


राज्य सरकार द्वारा निजी स्कूलों की फीस निर्धारण के लिये बनाये गए फीस नियामक समिति के गठन के बाद स्कूल संचालको द्वारा जितना फीस लिया जा रहा था उन सभी मदों की फीस को जोड़कर फीस में और वृद्वि कर दी गई है। कोरोना काल मे मंदी के दौर से सभी वर्ग गुजर रहे है। स्कूल नो लॉस नो फ्राफिट के सिद्धांत पर संचालन किया जाता है लेकिन निजी स्कूल मुनाफा कमाने के फेर में पालकों के ऊपर दबाव बनाकर फीस ले रहे है।

राज्य सरकार द्वारा स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मीडियम की शुरुवात कर सराहनीय पहल की गई है लेकिन जो पालक कोरोना काल के बाद अब निजी स्कूल में पढ़ाने में सक्षम नही है। ऐसे पालक सरकारी स्कूलों में पढ़ाना चाहते है लेकिन उन्हें फीस नही पटाये जाने के कारण मार्क शीट से भी वंचित किया जा रहा है। जिसके कारण पालक के साथ बच्चे भी मानसिक रूप से प्रताड़ित हो रहे है। जनहित और बच्चों की भविष्य को ध्यान में रखते हुए निजी स्कूलों में जिन पालकों द्वारा पिछले शिक्षा सत्र की फीस जमा नही करवा पाए है उन पालकों को फीस में छूट देने की कृपा करें।

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