टीकाकरण व जागरूकता ही वर्तमान में कोरोना का बचाव .. डॉ आ आशीष शर्मा बीएमओ पाटन


पाटन। शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय पाटन की एनएसएस इकाई के द्वारा ऑनलाइन कोरोना जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया आशीष शर्मा खण्ड चिकित्सा अधिकारी पाटन, अध्यक्षता महाविद्यालय प्राचार्य डॉ शोभा श्रीवास्तव, वक्त श्री बीएल वर्मा ब्लाक प्रशिक्षक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पाटन, विशेष अतिथि डॉ दिनेश नामदेव क्रीड़ाधिकारी, शैलेष मिश्र, सहायक प्राध्यापक अंग्रेजी थे। कार्यक्रम के प्रारम्भ में कार्यक्रम अधिकारी प्रो बीएम साहू ने सभी का स्वागत करते हुए कोरोना काल मे एनएसएस के स्वयंसेवको द्वारा किये जा रहे जागरूकता कार्य के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए इस कार्यक्रम के उद्देश्य व महत्ता को बताए। क्रीड़ाधिकारी नामदेव जो कि कोरोना संक्रमण से स्वस्थ हो चुके है इन्होंने अपने अनुभव को बताते हुए कहा कि समय रहते परीक्षण, बेहतर खानपान, योगा करने, गर्म पानी, काढा पीने और लगातार भाप लेने से जल्दी ही स्वस्थ होने में सहायता मिली साथ ही स्वास्थ्य केंद्र ने चिकित्सको व नर्सो की सेवाभाव और मन मे लगातार सकारात्मक विचार लाते रहने से स्वस्थ हुए। शैलेष मिश्र जी ने बताया कि ऐसे समय में छात्र छात्राओं को किताबे पढ़कर म्यूजिक सुनकर खेल खेलकर अपने अंदर की प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ा सकते है ऐसा करने से आपके शरीर मे सकारत्मकता का ला सकते है इन्होंने उदाहरणों के माध्यम से आंतरिक सकारत्मकता कैसे बढ़ाएं इसके बारे में विस्तार से जानकारी दिए। कार्यक्रम का संचालन कर रहे अतिथि सहायक प्राध्यापक चन्द्रशेखर देवांगन ने आगे बताया कि कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ आशीष शर्मा ने अधिक से अधिक व्यक्तियों का जल्द से जल्द टीकाकरण कर, लोगो को प्रतिरोधक क्षमता का विकास करके कोरोना की रोकथाम किया जा सकता है इसके साथ ही प्रथम व द्वितीय डोज में कितने दिनों का अंतराल होना चाहिए, टिका लगाने के बाद क्या सावधानियां बरतनी चाहिए, आप टिके के लिए रजिस्ट्रेशन कैसे करे , इसके बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी प्रदान किये व छात्र छात्राओं द्वारा पूछे गए प्रश्नों का उत्तर देकर शंकाओ को दूर किया। कार्यकम के वक्ता बीएल वर्मा जी ने कोरोना से बचने के लिए लगातार हाथ धोते रहिये, मास्क पहिनये, सेनेटाइजर का प्रयोग कीजिये, सामाजिक दूरी बनाए रखिये का आह्वान करते हुए होम आइसोलेशन में कैसे रह सकते है कौन से स्तर के संक्रमित व्यक्ति रह सकते है इसकी जानकारी दिए और होम आइसोलेशन के मरीजों के प्रश्न कैसे हो सकते है उनका उदाहरण सहित जवाब देकर जानकरी दिए। महाविद्यालय प्राचार्य डॉ श्रीवास्तव ने कहा ने जब आपने मन मस्तिष्क में नकारात्मक विचार आये मनोबल गिरने लगे तब आप सभी अपने पवित्र धर्म ग्रन्थ का अध्य्यन करे आपको सकारत्मकता के साथ मनोबल बढेगा ऐसा मैने किया है और आज मैं स्वस्थ हु कहते हुए अनुभव साझा किए। सफल आयोजन के लिए सभी को बधाई देते हुए उत्तम स्वास्थ्य की कामना किये। कार्यक्रम अधिकारी डॉ पुष्पा मिंज ने तकनीकी सहयोग के लिए प्रवीण जैन सहायक प्राध्यापक वनस्पतिशास्त्र, समस्त अतिथियों व वक्ताओं, छात्र छात्राओं, स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों, महाविद्यालय परिवार का आभार व्यक्त किये। इस कार्यक्रम में महाविद्यालय के समस्त अधिकारी कर्मचारीगण, एनएसएस के स्वयसेवक, व छात्र छात्राये सम्मिलित हुए।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *