कांकेर । बंगाल में चुनाव परिणाम के बाद से बंगाल के भाजपा समर्थको पर तृणमूल कांग्रेस प्रायोजित हिंसा के विरोध में भाजपा राष्ट्रीय नेतृत्व के आव्हान पर आज जिले के समस्त बुथों में भाजपा नेताओं व कार्यकर्ताओं के द्वारा अपने-अपने घरो के सामने दोपहर 2 बजे से 5 बजे तक धरना देकर ममता बनर्जी के खिलाफ प्रदर्शन किया गया । लोकसभा सांसद मोहन मण्डावी भाजपा जिलाध्यक्ष सतीश लाटिया, महिला मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष शालिनी राजपूत, पूर्व विधायक सुमित्रा मारकोले, भाजपा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य भरत मटियारा व जिला महामंत्रीद्वय बृजेश चैहान, दिलीप जायसवाल ने संयुक्त बयान जारी करते हुए कहा कि बंगाल में चुनाव नतीजे आने के बाद से बंगाल के भाजपा कार्यकर्ताओ की हत्या, उन पर जानलेवा हमले, भाजपा कार्यलयों और कार्यकर्ताओं के घर आगजनी, लूटपाट और हिंसा की घटनाएं सामने आ रही है । राज्य की तृणमूल सरकार राज्य में हो रही हिंसा को देखकर भी न सिर्फ आंख मूंद कर बैठी है बल्कि इन हिंसक घटनाओं को बढ़ावा भी दे रही है ।इन्होने कहा कि ममता बनर्जी राज्य में लोकतंत्र की हत्या कर रही है । आज से पहले चुनाव जीतने वाली पार्टी द्वारा किसी भी राज्य में विपक्षी पार्टियों पर ऐसे हमले नही हुए होंगे जैसी बंगाल मे हो रही है । भाजपा ने असम और पुडेचेरी में बहुमत के साथ जीत दर्ज की है और सरकार बना रही है परंतु वहां के किसी भी विपक्षी कार्यकर्ताओं पर किसी भी प्रकार हिंसा नही हुई और न ही किसी को भाजपा कार्यकर्ताओं ने खरोच तक पहूंचाई । बंगाल में भाजपा कार्यकर्ताओं पर हो रहे हिंसा पर भाजपा विरोधी दलों की चुप्पी पर प्रश्न उठाते हुए इन्होने कहा कि देश के भाजपा विरोधी दल के नेताम इतने असहिष्णु हो गये है कि इनके मुह से बंगाल की हिंसा पर एक शब्द तक नही निकल रहा । माॅब लिंचिंग की एक घटना पर देश भर में मोमबत्ती जलाने वाले और अवार्ड वापसी गैंग के तथाकथित लोग बंगाल में भाजपा के 11 से अधिक कार्यकर्ताओं की हत्या और उनके घरो में आगजनी, दुकानों में लूुटपाट की घटनाओं पर भी रहस्यम चुप्पी साधे हुए है । इन्होने ममता बनर्जी पर आरोप लगाते हुए कहा कि चुनाव प्रचार के दौरान उन्होने भाजपा कार्यकर्ताओं को खुलेआम धमकी दी थी कि केन्द्रीय बलों के जाने के बाद तुम लोगों को देख लुगी । चुनाव परिणाम के बाद तृणमूल कांगे्रस कार्यकर्ताओं द्वारा जो तांडव बंगाल की जनता व भाजपा कार्यकर्ताओं के खिलाफ किया गया वह न केवल निंदनीय है बल्कि शर्मनाक, मानवता व लोकतंत्र पर निर्मम प्रहार है । बंगाल के साथ ही 4 अन्य राज्यों में भी चुनाव हुए परंतु किसी भी राज्य में विजयी दल के द्वारा किसी भी प्रकार की हिंसा नही हुर्ह । विजय के उन्माद में ममता बनर्जी के पार्टी के कार्यकर्ता इतने पागल हो गये है कि भाजपा विचारधारा के लोगों को चुन-चुन कर मारा जा रहा है उन्हें घर छोड़कर जाने पर मजबूर किया जा रहा है । तृणमूल कांगे्रस की तुष्टिकरण, तानाशाही, भयादोहन की राजनीति का यह परिणाम है कि विरोधी विचारधारा को हिंसा और राज्य तंत्र के माध्यम से कुचलने का प्रयास किया जा रहा है । जिले के भाजपा नेताओ और कार्यकर्ताओ ने बंगाल के राज्यपाल और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से राज्य में भाजपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों के साथ हो रही हिंसा को तत्काल रोकने और दोषियो पर कड़ी कार्यवाही की मांग की है । आज पूरे देश के भाजपा नेता और कार्यकर्ता बंगाल के भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ कंधा से कंधा मिलाकर खड़े है ।
इस धरना प्रदर्शन में जिले से राजीव लोचन सिंह, निर्मला नेताम, असीम राय, देवेन्द्र भाउ, अनूप राठौर, राजा देवनानी, आलोक ठाकुर, निपेन्द्र पटेल, डाॅ देवेन्द्र साहू, विरेन्द्र श्रीवास्तव, प्रीतपाल सिंह, उमा देवी शर्मा, मीरा सलाम, दीपक खटवानी, प्रकाश जोतवानी, बुधनु राम पटेल, यशवंत सुरोजिया, गजेन्द्र परिहार, श्यामल मण्डल, अरूण कौशिक, राजेश नायर, विजय साहू, ज्वाला जैन, सत्येन्द्र सोनी, संजय सिन्हा, नंदा गोसाई, नरोत्तम चैहान, अनिता सोनी, भोपेश नेताम, संजय गोलछा, भरत निषाद, विजय लक्ष्मी कौशिक, कमलेश भदौरिया, बुजमोहन तिवारी, टकेश्वर सिन्हा, विजय लखवानी, नन्द कुमार ओझा, सुशील तिवारी, ईश्वर सिन्हा, जयंत अठभैया सहित अन्य कार्यकर्ताओं ने धरना दिया ।
पश्चिम बंगाल की तृणमूल सरकार राज्य में हो रही हिंसा को देखकर भी सिर्फ आंख मूंद कर बैठी है
