भिलाई –कोरोना वैक्सीनेसन में आरक्षण जैसे छत्तीसगढ़ राज्य शासन के तुगलकी फरमान को जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के प्रदेश अध्यक्ष माननीय अमित जोगी जी ने हाईकोर्ट में अर्जेंट हियरिंग लगाकर चुनौती दी जिसमें छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने तुरंत संज्ञान लेकर सुनवाई करते हुए राज्य शासन को जमकर फटकार लगाते हुए कहा कि बीमारी अमीर – गरीब देख कर नहीं आती बीमारी सभी को हो रही है, व्यवस्था बनाना राज्य शासन की जिम्मेदारी है। साथ ही डब्ल्यूएचओ ने मानक तय किए हैं इसमें बदलाव का अधिकार किसी को नहीं है अतः कोर्ट ने इस मुद्दे पर राज्य शासन को स्पष्ट पालिसी बनाने 2 दिन का समय दिया गया है। ज्ञात हो कि प्रदेश सरकार के इस फैसले पर दुर्ग जिला ग्रामीण जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ जे के अध्यक्ष सतीश पारख ने भी लिखित ज्ञापन जारी कर विरोध दर्ज करवाया था तथा इसे प्रदेश अध्यक्ष अमित जोगी के संज्ञान में लाया था।
छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट के इस निर्णायक फैसले का जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) सम्मान करते हुए धन्यवाद ज्ञापित करती है, साथ ही जेसीसी (जे) के प्रदेशाध्यक्ष माननीय अमीत जोगी जी के द्वारा संपूर्ण छत्तीसगढ़ प्रदेश वासियों के जनहित का मुद्दा उठाकर 18 से 45 साल के युवाओं के स्वास्थ्य को दृष्टिगत रखते हुए राज्य शासन के मूर्खतापूर्ण व अवैज्ञानिक वैक्सीनेशन संबंधी ज्वलंत मुद्दे पर त्वरित संज्ञान लेकर सरकार के भेदभाव पूर्ण कुटिल नीति का संशोधन हेतु कोर्ट में याचिका लगाकर विरोध करने पर हम अमित जोगी का आभार मानते है जिन्होंने अपने पिता व प्रदेश के सच्चे हितैषी अजित जोगी के बताये पदचिन्हों पर चलकर छत्तीसगढ़ व छत्तीसगढ़ियों के हित के लिए संघर्षरत हैं।
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