रिलायंस फाउंडेशन द्वारा डिजिटल माध्यम से मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन की दी जानकारी

पाटन। मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन (एसएचएम) से संबंधित मिशन हस्तक्षेप का कार्यान्वयन मृदा उर्वरता में सुधार करने तथा किसानों को बेहतर आर्थिक लाभ देने के लिए मृदा सुदृढ़ीकरण हेतु सहायता देना एवं उर्वरक जांच सुविधा तथा किसानों के लिए मृदा जांच आधारित सिफारिश करना। इस कथ्य द्वारा रिलायंस फाउंडेशन के माध्यम से किसान सीधे कृषि विशेषज्ञ से जुड़कर मिट्टी से संबंधित सूचनाओं कृषको को साझा गया | दुर्ग जिले मे खरीप फसल मुख्य रूप से कृषकों की आमदनी का सहारा है इसके लिए अभी से मिट्टी के गुणों, पोषक तत्वों से जुड़ी जानकारी मृदा नमूना, मृदा स्वास्थ्य कार्ड इत्यादि के बारे में चर्चा की साथ ही इस महामारी के कारण किसानों को अपने खेत से कैसे नमूना लेना है इसके बारे में विस्तृत ढंग से किसानो को बताया गया।
दुर्ग जिले के पाटन और धमधा ब्लॉक के ग्राम बोरेंदा, चुलगहन,मुर्रा व ढाबा के किसान अपने घर में सुरक्षित रहकर मिट्टी से सबंधित जानकारी प्राप्त की।
कृषि विशेषज्ञ उगेंद्र पांडे ने चर्चा करते हुए कहा कि किसान भाई अभी कोरोना महामारी के चलते कोई भी शिविर नही कर पा रहे है इसको ध्यान मे रखते हुए कृषकों मिट्टी की पोषक तत्वों, NPK, मृदा PH, मृदा उर्वरता, तथा मिट्टी के गुणों की विशेषता के विषय मे चर्चा की गई साथ ही मिट्टी के नमूने कैसे लिए जाए, किस स्थान से एकत्र किया जावे, कितनी गहराई तक का लिया जावे इस विषय मे पूर्ण रूप से जनकारी दी गई।
किसानो को सलाह दी गई की अभी मिट्टी जाॅच के लिए उपयुक्त समय है आप अपने जमीन से मिट्टी का नमुना लेकर उसे अपने पास रखे जैसे ही लॉक डाउन समाप्त होगा आप इसे ग्रामीण कृषि विषतार अधिकारी या कृषि विज्ञान केंद्र के माध्यम से निशुल्क जाॅच कराने के लिए दे सकते है।
उक्त चर्चा में रिलायंस फाउंडेशन से प्रोजेक्ट मैनेजर मिथलेश साहू ने कार्यक्रम में किसान निः शुल्क नंबर 1800-419-8800 की जानकारी दिया जिसमें मौसम, कृषि, पशुपालन जैसे विषयों में विशेषज्ञ द्वारा जानकारी मिलती है।

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