भिलाई। बिजली आपूर्ति अति आवश्यक सेवा में आता है । ऐसे में बिजली कर्मी घर पर नहीं बैठ सकते उन्हें जनता की सेवा में किसी भी परिस्थिति में कार्य पर जाना ही पड़ता है ऐसे में शासन द्वारा उन्हें कोविड की लड़ाई मैं फ्रंटलाइन लाइन वर्कर के जैसे बराबर दर्जा दिया जाना चाहिए। उक्त बातें विद्युत कर्मचारी जनता यूनियन के प्रदेश उपाध्यक्ष यतीश वर्मा ने कही। उन्होंने बताया कि कोविड की महामारी में आज कितने ही बिजली कर्मी शिकार हो चुके हैं । शासन प्रशासन बखूबी जानता है की विभाग कर्मियों की कमी से जूझ रहा है विद्युत कंपनी प्रशासन अपने कर्मियों की सुरक्षा अथवा चिकित्सा में उदासीन रवैया अपना रहा है जिसका खामियाजा विद्युत कर्मी एवं उसका परिवार को चुकाना पड़ रहा है । सर्वविदित है कि कंपनी कर्मियों की चिकित्सा में जुटे चिकित्सकीय कर्मियों की भी स्थिति काफी नाजुक है । श्री वर्मा ने शासन प्रशासन को अवगत कराते हुवे बताया कि रेलवे की तर्ज पर जैसे b.m.y. चरोदा में रेलवे कर्मियों के चिकित्सा हेतु कुछ चुने हुए बड़े चिकित्सालयों को स्वीकृति दिया गया है ।क्या विद्युत कंपनी प्रशासन भी ऐसे ही कोई व्यवस्था विद्युत कंपनी परिवार के लिए bhilai durg में नहीं कर सकता? यहां विद्युत कर्मियों के बेहतर चिकित्सा सुविधा हेतु विशेष पहल करने की आवश्यकता है।
इसलिए विद्युत कर्मचारी जनता यूनियन इस बात को विद्युत कंपनी प्रशासन और शासन के ध्यान में लाना चाहती है कि अकेले bhilai durg में ही कोविड से संक्रमित कितने ही कर्मी काल कवलित हो चुके हैं । बिजली कर्मियों के लिए बेहतर चिकित्सा के लिए आवश्यक एवं कारगर उपाय किया जाना आज की माहिती आवश्यकता है। जिससे की बिजली कर्मियों की मनोबल बढ़ा रहे व निर्बाध रूप से काम कर सके।
बिजली कर्मियों को कोविड की चिकित्सा सुविधा रेलवे की तर्ज पर देने की मांग, लगातार संक्रमित हो रहे है बिजली कर्मी, समय पर नही मिल पा रहा इलाज
