पाटन। प्रदेश में कोरोना के प्रकोप को रोकने के लिए जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों को एक साथ आना चाहिए। लेकिन यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि अफसर अपनी मनमानी कर रहे है और जनता के चुने हुए जनप्रतिनिधियों को दरकिनार कर रहे है। उक्त बातें भाजपा युवा नेता बाबा वर्मा ने कहा।
उन्होंने कहा कि पाटन जनपद पंचायत के जनपद सदस्य खिलेश मार्कण्डेय के फोन को जनपद पंचायत पाटन के मुख्य कार्यपालन अधिकारी नहीं उठाते है। मुख्य कार्यपालन अधिकारी आखिर किसके इसारे पर काम कर रहे है जो जनता के द्वारा चुने हुए जनप्रतिनिधियों के फोन नहीं उठा रहे है, क्या सीईओ को खिलेश मार्कण्डेय का फोन उठाने से इसलिए मना किया गया है कि वो भाजपा समर्थित जनपद सदस्य है। कोरोना संकट की इस घड़ी में यह कैसी अफसरशाही है जो जनता द्वारा चुने हुए जनप्रतिनिधियों का फोन नहीं उठाते है, यह दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति और चुने हुए जनप्रतिनिधियों का अपमान है।
पाटन विधानसभा में अफसरशाही हावी है, यह इस बात का प्रतीक है कि एक जनप्रतिनिधि जनहित की बात समाचार व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से सार्वजनिक रूप से अपनी बात सीईओ तक पहुंचा रहे है।

