चार बिन्दुओं पर फोकस करें तो कोरोना संक्रमण रहेगा दूर, कलेक्टर ने नागरिकों से की अपील

18 से 45 आयु वर्ग के लिए कोविड एप्रोप्रिएट बिहेवियर, लक्षण आते ही आइसोलेशन, लक्षण उभरते ही टेस्टिंग, टेस्टिंग में पाजिटिव आने पर चिकित्सक के परामर्श का पूरी तरह से पालन


दुर्ग। कलेक्टर डाॅ.सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे ने आज पुनः दुर्ग के नागरिकों से अपील की। उन्होंने अपने संबोधन में विस्तार से उन बिन्दुओं के बारे में बताया जिनकी वजह से कोरोना संक्रमण जिले में बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि कोविड एप्रोप्रिएट बिहेवियर का पालन कर हम कोरोना के इस गंभीर संकट से बच सकते हैं। कलेक्टर ने कहा कि 18 वर्ष से 45 वर्ष की आयु के बीच के लोग काफी संख्या में आवागमन करते हैं। इन्हें बेहद एहतियात रखने की जरूरत है। इस वर्ग के लोगों की सामान्यतः प्रतिरोधक क्षमता अच्छी होती है लेकिन इस बात की आशंका होती है कि ये कोरोना कैरियर बन जाएं और काफी लोगों तक संक्रमण फैला दें। इससे आपके परिवार के वृद्धजनों अथवा कम प्रतिरोध वाले लोगों को कोविड की आशंका होती है। इसलिए ऐसे आयु वर्ग के लोगों के लिए कोविड एप्रोप्रिएट बिहेवियर को मेंटेन करने की आवश्यकता है। कलेक्टर ने कहा कि घर में एक भी व्यक्ति पाजिटिव पाया जाता है तो अन्य व्यक्तियों को भी कोरोना होने की आशंका बनी रहती है। इसलिए कोरोना के लक्षण वाले व्यक्ति को तुरंत आइसोलेट कर देना चाहिए तथा पूरी तरह से होम आइसोलेशन के नियमों का पालन करना चाहिए। तीसरे बिन्दु पर बात करते हुए कलेक्टर ने कहा कि कोरोना के लक्षण पाये जाने पर तुरंत जाँच करानी चाहिए। अभी तक हुई कोविड मौतों पर यह निष्कर्ष निकला है कि टेस्टिंग में विलंब कराये जाने के चलते मरीज की हालत गंभीर हुई। चैथे बिन्दु पर कलेक्टर ने कहा कि जाँच में पाजिटिव आने पर चिकित्सकों के परामर्श का पूरी तरह से पालन करें। यदि हास्पिटलाइजेशन या होम आइसोलेशन के लिए कहा जाता है तो चिकित्सक के निर्देश का पूरी तरह से पालन करें। इसके अलावा कलेक्टर ने कोविड संक्रमण से बचने के लिए मास्क लगाने, सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने तथा भीड़भाड़ वाली जगह में जाने से बचने का आग्रह भी किया।
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