बिजली की समस्या से किसानों का बुराहाल… किसान बोले आत्महत्या के अलावा कोई और चारा नहीं

प्रांजल झा…

कांकेर।छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले का आखिरी छोर है इरपेनार… जहाँ पिछले 2 साल से बिजली की इतनी समस्या है कि पूरे 24 घंटे रात दिन मिलाकर महज़ 2 से 3 घंटे ही बिजली रहती है यही नहीं जो 2 से 3 घंटे बिजली होती भी है। ग्रामीणों का कहना है वो बिजली हाफ वोल्टेज की होती है। वहीं उस क्षेत्र के अंतर्गत जितने पंचायत है उन किसानों द्वारा मक्का का फसल हर साल के भांति लगाया गया,पर बिजल की समस्या की वजह से खड़ी फसलों में किसान पानी नही दे पाए और कई एकड़ जमीन की खाड़ी फसल पानी के बिना बर्बाद हो गये।
जिसपर किसानों की चिंता इस कदर बढ़ गई कि अपनी समस्या बताते हुए नम आंखों से कहा गया कि एक ओर बैंकों से लिया गया ऋण लेकर खेती किया गया उस पर पिछले साल का ऋण माफ़ी बोलकर बैंकों द्वारा पैसों की वसूली किया जा रहा है इस साल बिजली नही मिल पाने से खेतों पर पानी नही दे पाए जिससे खड़ी फसल बर्बाद हो गए ऐसे में ऋण, परिवार की जिम्मेदारी का बोझ कैसे उठा पाएंगे पूरे परिवार के साथ आत्महत्या की नौबत आ जायेगी। तक कहना पड़ गया वही किसानों का कहना है कि जिले और शहरों से दूरी होने की वज़ह से कोई संबंधित अधिकारि ध्यान तक नही देता।
कांकेर जिले के आखिरी छोर पर बसे इरपेनार में कई पंचायत के किसान आज परेशानी से जूझ रही है सरकार इनपर बिल्कुल ध्यान नही दे रही है, बिजली नही होने की वजह से किसानों के फसल बर्बाद हो गए लोगो को मुवाबजे की जरूरत है, वही सरकार न पूरी तरह ऋण माफी की, बिजली बिल हाफ की बात कहकर बिजली ही हाफ कर दी गई जो किसानों के साथ अन्याय हुआ है, हमारे द्वारा इस विषय मे किसानों के साथ मिलकर बिजली की समस्याओं और फसल खराब हुए उसके मुवाबजे के संबंध में ज्ञापन दिया जा रहा है तत्काल समाधान नही हुआ तो हम किसानों के साथ मिलकर अपनी मांगों को पूरा करने सड़क की लड़ाई लड़ने को तैयार है, यहाँ संबंधित अधिकारियों को अपनी परेशानी से अवगत कराने और क्षेत्र की समस्याओं को बताकर आत्महत्या की स्थिति है जानकारी देने पर किसानों पर ही अधिकारियों द्वारा दबाव बनाया जा रहा है, इस प्रकार किसानों की समस्याओं को दूर किये बिना किसानों पर ही दबाव बनाकर समस्याओ का उजागर न हो ऐसा किया जा रहा है जो पूरे देश की जनताओ को जानना जरूरी है, आखिर किसान करें तो करें क्या?

अब सवाल ये है कि बिजली की इतनी समस्याओं से जूझ रहे किसान फसल,बच्चों की पढ़ाई, गर्मी से तपते लोगो आखिर दरदर भटकने को मजबूर क्यो?

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