? ब्यूरो रिपोर्ट विक्रम कुमार नागेश गरियाबंद
अमलीपदर क्षेत्र उरमाल देशभक्ति की वैसे तो कई घटनाएं और किस्से, कहानियां आपने सुनी होगी, लेकिन गरियाबंद जिले में मैनपुर ब्लॉक के ग्राम पंचायत मूंगिया के आश्रित गाँव मुरली गुड़ा (उरमाल) में देशप्रेम की अनोखी घटना सामने आई है। यहां के युवक अरुण कुमार वैष्णव पिता सदा दास का चयन सीआरपीएफ में हुआ तो पूरा गांव उसे ड्यूटी ज्वाइन करने के लिए गांव के अंतिम छोर तक छोडऩे आया गाँव मे रैली भी निकाली गई। सीआरपीएफ में चयनित होने वाले गांव के पहले युवक के सम्मान में ग्रामीणों ने जमकर खुशी मनाई, देशभक्ति के नारे लगाए। पटाखे जलाए। लाड़ले को छाती चौड़ी करके देश की रक्षा के लिए विदा किया।
कई साल की कड़ी मेहनत के बाद हुआ चयन
यह देश प्रेम की कहानी गरियाबंद जिले के ग्राम पंचायत मूंगिया के आश्रित ग्राम मुरली गुड़ा की है। जहां गांव के 24 साल का युवक अरुण वैष्णव अपने कई साल की कड़ी मेहनत के बाद सीआरपीएफ में चयनित हुआ है। उसकी उपलब्धि पर पूरे गांव में खुशी का माहौल है।
अरुण के पिता सदा दास ने कहा कि उसे गर्व है कि उसका बेटा देश की रक्षा करने सीआरपीएफ में सेवा देगा। जानकारी दी कि बेटा अरुण शुरु से मेहनती है। इसलिए वह कई साल से सीआरपीएफ में जाने के लिए मेहनत करता रहा। अब उसका सपना पूरा हो गया है। उनका चयन सीआरपीएफ में हो चुका है। वह सेना में अपनी सेवा देगा।
गांव का पहला युवक जिसका चयन सेना में
ग्राम मुरली गुड़ा में लगभग 50 घर है। जहां लगभग 500 लोग निवास करते हैं। गांव में अरुण दूसरे युवा साथियों के लिए आदर्श बन गया है। यहां केवल अरुण ही सीआरपीएफ में चयनित हुआ। अरुण ने कहा कि वह शुरू से सीआरपीएफ और पुलिस में जाकर देश की सेवा करने का सपना देखा करता था। इसलिए कक्षा नवमीं के बाद से लगातार सीआईएसएफ में जाने की तैयारी करता रहा। बारहवीं पास होने के बाद सीआरपीएफ भर्ती रैली में गया। जहां सफलता मिली।
